SC-ST एक्ट मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, पीड़ित ने बार-बार बयान बदले, आरोपी बाइज्जत बरी

Edited By meena, Updated: 13 Feb, 2026 09:13 PM

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मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की विशेष न्यायालय (SC-ST एक्ट) ने आपसी विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश खालिद मोहतरम अहमद की अदालत...

सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले की विशेष न्यायालय (SC-ST एक्ट) ने आपसी विवाद से जुड़े एक मामले में अहम फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। विशेष न्यायाधीश खालिद मोहतरम अहमद की अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में पूरी तरह विफल रहा, जिसके चलते आरोपियों को बाइज्जत बरी किया जाता है।

क्या था मामला?

अभियोजन के अनुसार, 12 अक्टूबर 2024 को फरियादी सत्यनारायण सिंह और हरिचरण अगरिया दुर्गा विसर्जन के लिए जा रहे थे। आरोप था कि बिंदुल बाजार के पास डीजे पर गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ। इस दौरान संतोष गुप्ता, सीताराम शाह और मिथलेश कुमार गुप्ता पर मारपीट, जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ SC/ST Act के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया था।

सुनवाई के दौरान बदले बयान

सुनवाई के दौरान मामले में बड़ा मोड़ आया। अदालत में मुख्य गवाहों और कथित पीड़ितों ने अपने पूर्व बयानों से अलग रुख अपनाया। उन्होंने बताया कि केवल हल्की कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई थी तथा किसी प्रकार की जातिसूचक गाली नहीं दी गई थी। गवाहों ने यह भी स्वीकार किया कि लगी चोटें गिरने के कारण आई थीं। गवाहों के बयान बदलने के बाद अदालत ने अन्य गवाहों की सुनवाई को आवश्यक नहीं माना।

अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। पर्याप्त और ठोस साक्ष्य के अभाव में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया। न्यायालय के इस निर्णय को निष्पक्ष सुनवाई की प्रक्रिया और साक्ष्य आधारित न्याय का उदाहरण माना जा रहा है।

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