Edited By Vikas Tiwari, Updated: 18 Jun, 2021 04:10 PM

छतरपुर में फिर एक बार डॉक्टर की कुशलता और मानवीय चेहरा सामने आया है। जहां छतरपुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर मनोज चौधरी की सूझ-बूझ से मासूम बच्चे के गले में फंसा सिक्का से बिना ऑपरेशन के निकाला है। छतरपुर जिले अस्पताल में पदस्थ डॉ.मनोज चौधरी ने 3...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): छतरपुर में फिर एक बार डॉक्टर की कुशलता और मानवीय चेहरा सामने आया है। जहां छतरपुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर मनोज चौधरी की सूझ-बूझ से मासूम बच्चे के गले में फंसा सिक्का से बिना ऑपरेशन के निकाला है। छतरपुर जिले अस्पताल में पदस्थ डॉ.मनोज चौधरी ने 3 वर्ष के मासूम के गले में फंसे सिक्के को बिना सर्जरी के निकाला है। यहां यह तीसरा केस सामने आया है। इसके पहले भी 2 बच्चों के गले में फसे सिक्के को निकाल चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के निवासी 3 वर्षीय दिव्यांश प्रजापति से खेल-खेल में सिक्का मोहन में चला गया और नीचे उतारकर गले में जा फंसा जिसे माहोबा के डॉक्टरों ने माना कर दिया तो उसे छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया जहां डॉ. मनोज चौधरी ने एक्स-रे के बाद ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर गले में फंसा सिक्का निकाल दिया। लोगों की मानें तो डॉ. मनोज चौधरी की सिक्के निकालने वाली खबर देखकर छतरपुर पहुंचे थे। जिला अस्पताल का यह तीसरा मामला हैबजहां बिना सर्जरी के डॉक्टर ने भोजन की नली में अटके सिक्के को निकाला।