Edited By Desh sharma, Updated: 06 Jan, 2026 09:13 PM

एमपी हाईकोर्ट ने प्रदेश के 4 अफसरों पर सख्ती दिखाई है और डीजीपी को नोटिस जारी करके खलबली मचा दी है। दरअसल मध्यप्रदेश में पुलिस कार्यप्रणाली पर उठते सवालों को लेकर MP हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।
(भोपाल): एमपी हाईकोर्ट ने प्रदेश के 4 अफसरों पर सख्ती दिखाई है और डीजीपी को नोटिस जारी करके खलबली मचा दी है। दरअसल मध्यप्रदेश में पुलिस कार्यप्रणाली पर उठते सवालों को लेकर MP हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है।
3 टीआई और DGP को नोटिस जारी
ऐसे ही एक केस में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सख्ती दिखाई है। दरअसल हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एफआईआर दर्ज नहीं करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम बात कही है। कोर्ट ने पुलिस के 4 अधिकारियों से जवाब तलब किया है। गौर करने वाली बात है कि इनमें डीजीपी भी शामिल हैं। इस नोटिस जारी किए जाने के बाद विभाग में खलबली मची है। दरअसल मनीष यादव ने समाजसेवी महेश गर्ग की ओर से यह याचिका दायर की है।
विजय नगर, राजेंद्र नगर और लसुड़िया पुलिस स्टेशन के टीआई को नोटिस
दायर की गई याचिका में विजय नगर पुलिस स्टेशन, राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन और लसुड़िया पुलिस स्टेशन के टीआई पर केस दर्ज करने के लिए यहां से वहां भटकाने का आरोप है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि क्षेत्र सीमा विवाद के चलते उनका केस दर्ज नहीं किया गया । शिकायतकर्ता ने बताया कि थानों की सीमा का जिक्र करते हुए पुलिस अधिकारी एक थाने से दूसरे थानों के चक्कर लगवाते रहे।
शख्स को FIR के लिए भटकाने का आरोप
इस मामले पर इंदौर हाईकोर्ट में सख्त रुख अपनाया और विजय नगर पुलिस स्टेशन, राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के साथ ही लसूड़िया पुलिस स्टेशन के टीआई को नोटिस जारी किए। कोर्ट ने डीजीपी से भी जवाब तलब किया है। लिहाजा सरकार को नोटिस जारी करके चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है। अक्सर देखा जाता है कि थानों में कोई केस दर्ज करने में काफी ढील बरती जाती है, शिकायतों के बाद भी पुलिस विभाग कोई कारगर कदम नहीं उठा पाता है।