Edited By Himansh sharma, Updated: 02 Oct, 2025 04:18 PM

सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा प्रशासन के खिलाफ ‘बापू’ की तस्वीर सामने रखकर मौन धरने पर बैठ गए।
रीवा। गांधी जयंती के मौके पर कलेक्ट्रेट परिसर में एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। सेमरिया से कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा प्रशासन के खिलाफ ‘बापू’ की तस्वीर सामने रखकर मौन धरने पर बैठ गए।
विधायक का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर जिला प्रशासन की बैठकों और योजनाओं से दूर रखा जाता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि वे कांग्रेस पार्टी से हैं।
बैठक से गायब नाम पर भड़के विधायक
25 सितंबर को एसीएस रश्मि अरुण शमी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई थी। विधायक अभय मिश्रा का कहना है कि उन्हें इस बैठक की सूचना तक नहीं दी गई। न पत्र, न फोन, न आमंत्रण… बाक़ी विधायकों को बुलाया गया लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
पहले भी हो चुका ‘इग्नोर’
अभय मिश्रा का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। 18 मई को रीवा सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री की बैठक में भी उन्हें नहीं बुलाया गया था। उस वक्त कांग्रेस जिला अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध जताया था।
धरने में लेट गए विधायक
सुबह 10 बजे शुरू हुआ धरना छह घंटे चला। शुरुआत में विधायक मौन बैठकर विरोध कर रहे थे। लेकिन कुछ देर बाद वे जमीन पर लेट गए।
यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग और मीडिया हैरान रह गए।
प्रशासन ने किया खारिज
रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
उनका कहना है –
“विधायक के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। प्रशासन सभी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार करता है।” रीवा की राजनीति अब गरमा गई है। विधायक अभय मिश्रा का मौन धरना सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि जिले की सत्ता-सियासत के बीच गहरी खाई को भी दिखा गया है…