भीम आर्मी के अस्तित्व पर BJP विधायक का सवाल, बोले- इतने बड़े शूरवीर हो तो अग्निवीर में भर्ती होकर देश सेवा करो

Edited By Himansh sharma, Updated: 14 Apr, 2026 06:40 PM

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विधायक शाक्य ने भीम आर्मी के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर आप इतने ही शूरवीर हैं, तो अग्निवीर में भर्ती होकर देश की सेवा करें।

गुना (मिस्बाह नूर): मध्य प्रदेश के गुना के शुभ विदाई मैरिज गार्डन में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कार्य विभाग द्वारा आयोजित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य ने अपने तीखे और बेबाक अंदाज से सुर्खियां बटोर लीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भीम आर्मी को निशाने पर लेते हुए कड़ी सलाह दी और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी अपनी बात रखी।

विधायक शाक्य ने भीम आर्मी के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर आप इतने ही शूरवीर हैं, तो अग्निवीर में भर्ती होकर देश की सेवा करें। अलग से आर्मी बनाने की क्या आवश्यकता है? क्या गृहयुद्ध छिड़वाना चाहते हैं? उन्होंने पूर्व में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि बाजार में लाठी लेकर निकलना और व्यापारियों की दुकानें बंद करवाना किस तरह की मानसिकता है? उन्होंने समाज को सचेत करते हुए कहा कि नई विकृतियां पैदा होने से पहले हमें संभलना होगा।

शाक्य ने जोर दिया कि जिस स्तर पर डॉ. अंबेडकर को याद किया जाता है, उसी स्तर पर बाबू जगजीवन राम का भी स्मरण होना चाहिए। कार्यक्रम में पन्नालाल शाक्य के तेवर जिला कलेक्टर को लेकर भी चर्चा में रहे। एक तरफ उन्होंने गुनिया नदी की सफाई के लिए जिलाधीश की सराहना की, तो दूसरी तरफ चुटकी लेने से भी नहीं चूके। कलेक्टर की तारीफ करते हुए कहा कि आपकी तारीफ में लोग कसीदे पढ़ रहे हैं कि आप सांसद बनो। अरे सांसद तो बाद में बनना, पहले यहां कुछ करके दिखाओ। आपके पास बहुत फोन आएंगे, लेकिन यह आपकी क्षमता है कि आप इसे पूरा कराएं। उन्होंने सुझाव दिया कि नदी चिलका ग्राम तक बहती है, अतः इसके मार्ग में कोई अवरोध नहीं आना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि उनके शब्द चुभे हों तो वे क्षमाप्रार्थी हैं।

महापुरुषों के योगदान पर चर्चा करते हुए विधायक ने एक और टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज जिनका जन्मदिन है, उन्हें डॉ. भीमराव अंबेडकर ही कहा जाना चाहिए, बाबा साहेब कहकर हम बहुत बड़ी गलती करते हैं। उन्होंने मतदान के अधिकार के लिए अंबेडकर साहब के प्रति आभार व्यक्त किया, लेकिन साथ ही कबीर, रैदास, पीपा भगत, महात्मा फुले और संत गाडगे जैसे संतों के योगदान को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताया। अंत में उन्होंने आह्वान किया कि भारतवर्ष की एकता के लिए प्राण देने वाले हजारों संतों और शूरवीरों को याद रखना ही बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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