Edited By Desh Raj, Updated: 27 Feb, 2026 08:03 PM

जिला छतरपुर से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। यहां एक व्यक्ति की अचानक तबियत खराब हो गई। जानकारी के मुताबित शख्स को हार्ट अटैक आया था, लेकिन परिजनों को एम्बुलेंस नहीं मिली तो वो उसे लोडर वाहन में लेकर अस्पताल ले गए। बीमार आदमी का बेटा चलती गाड़ी...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): जिला छतरपुर से एक बेहद मार्मिक खबर सामने आई है। यहां एक व्यक्ति की अचानक तबियत खराब हो गई। जानकारी के मुताबित शख्स को हार्ट अटैक आया था, लेकिन परिजनों को एम्बुलेंस नहीं मिली तो वो उसे लोडर वाहन में लेकर अस्पताल ले गए। बीमार आदमी का बेटा चलती गाड़ी में पिता को CPR देता रहा लेकिन फिर भी जान नहीं बच सकी।
बताया जा रहा है कि रास्ते में चलती गाड़ी में उसका बेटा पिता को CPR देता रहा लेकिन शहर में बेतरतीब ट्रैफिक होने की वजह से गाड़ी को साफ रास्ता नहीं मिल पा रहा था। कुछ लोगों ने रास्ता साफ करते हुए गाड़ी को आगे जाने दिया। पर अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जानकारी के मुताबिक जिले के राजनगर थाना अंतर्गत ग्राम तालगांव के रहने वाले संतोष विश्वकर्मा अपने पिता 65 वर्षीय जगदीश विश्वकर्मा के साथ छतरपुर आये थे। जहाँ रास्ते में ग्राम बरकोंहाँ के पास अचानक तबियत खराब हो गई। उनके सीने में दर्द होने लगा तो और सांस अटक गई। इसी बीच कोई भी वाहन न होने की वजह से लोडर वाहन की मदद से अस्पताल ले जाया गया।
आरोप हैं कि एम्बुलेंस न मिलने और ट्रैफिक होने के चलते समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके और जब तक पहुंचे तब तक देर हो चुकी थी जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर का कहना है कि पेशेंट को लाया गया था। उन्होंने तबियत खराब और सीने में दर्द की बात कही थी हमने जांच की पर मौत हो चुकी थी। अब मौत की वजह क्या है यह तो पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगा, मृतक के परिजन बिना PM कराये ही घर ले गये हैं।