MP में धर्म परिवर्तन के लिए फडिंग! पैसे देकर लोगों को बनाया जा रहा मुस्लिम, मस्जिद निर्माण की आड़ में बड़ा खेल उजागर

Edited By meena, Updated: 01 Jan, 2026 08:26 PM

funding for religious conversions in madhya pradesh people are being converted

सतना जिले में भी धर्म परिवर्तन करने वाले गिरोह का दबदबा बना हुआ है। पहले तो पैसों के लालच में खुद धर्म परिवर्तन करते हैं और फिर दूसरों को भी धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करते हैं...

सतना (रविशकंर पाठक) : सतना जिले में भी धर्म परिवर्तन करने वाले गिरोह का दबदबा बना हुआ है। पहले तो पैसों के लालच में खुद धर्म परिवर्तन करते हैं और फिर दूसरों को भी धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रेरित करते हैं। इस तरह का मामला जिले के धारकुंडी थाना का सामने आया है। जहां पर तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक साहित्य मिला है। इसके साथ ही लाखों की फंडिंग का दावा किया गया है। साथ ही कुछ संदिग्ध खातों से लेन देन की भी पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी धारकुण्डी थाना क्षेत्र के ग्राम झखौरा में मस्जिद का निर्माण करा रहे थे। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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जानकारी के मुताबिक, यह मामला तब सामने आया जब चार दिन पूर्व ग्रामीणों ने गांव में मस्जिद निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसको लेकर गांव में विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई थी। थाना प्रभारी शैलेंद्र पटेल ने बताया कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुला को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में पेशी किया। जहां से तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

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बता दें कि आरोपियों के खिलाफ फरियादी पंकज पाठक ने थाना पहुंचकर धर्मांतरण से संबंधित लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्माणाधीन मस्जिद के माध्यम से लोगों को लालच देकर या दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। यही नहीं, मस्जिद निर्माण के लिए बाहर से भारी मात्रा में धनराशि प्राप्त होने के साक्ष्य भी पुलिस को मिले हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी लालमन चौधरी के बैंक खाते में 9 लाख रुपये बाहर से विभिन्न किस्तों में जमा हुए हैं। इन पैसों का उपयोग मस्जिद निर्माण में किया गया। पुलिस को संदेह है कि यह धनराशि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल की जा रही थी। जब्त मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए बाहरी लोगों से लगातार संपर्क पाए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान ने वर्ष 2010 में इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। इसके बाद उसने अपने बेटे विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और भतीजे दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल का भी धर्म परिवर्तन कराया। पुलिस को आशंका है कि यही नेटवर्क आगे बढ़ाकर गांव में अन्य लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।

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