Edited By Himansh sharma, Updated: 10 Aug, 2026 04:56 PM

मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में सोमवार को हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दीं।
आगर-मालवा। मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में सोमवार को हुई तेज बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दीं। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, वहीं सोयतकलां की निचली बस्तियों में पानी घरों तक पहुंच गया। हालात बिगड़ने पर कई परिवारों को घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों का सहारा लेना पड़ा। कुछ इलाकों में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। इससे घरों में रखा अनाज, खाद्य सामग्री और घरेलू सामान भीगकर खराब हो गया। जलभराव बढ़ने के बाद कुछ परिवारों ने पानी से बचने के लिए घरों की छतों पर शरण ली। प्रभावित लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
कुंडलिया बांध के 4 गेट खोले
लगातार बारिश के कारण कुंडलिया बांध के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई। स्थिति को देखते हुए सोमवार दोपहर करीब 1 बजे बांध के 11 में से 4 गेट लगभग एक मीटर तक खोले गए। बांध से करीब 616.34 क्यूमेक पानी डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है। लोगों से नदी किनारे नहीं जाने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
कालीसिंध नदी समेत कई नदी-नाले उफान पर
सुसनेर क्षेत्र में बारिश का असर कालीसिंध नदी और आसपास के नदी-नालों पर भी दिखाई दे रहा है। जीरापुर-सुसनेर मार्ग पर ताखला के त्रिवेणी संगम के पास नदी का बहाव तेज हो गया है। पानी के तेज बहाव के चलते यहां का नजारा झरने जैसा दिखाई दे रहा है।
तेज बहाव को देखने के लिए लोग मौके पर पहुंच रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने लोगों को ऐसे स्थानों से दूर रहने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा है कि उफनती नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
सड़क पर पानी, कई वाहन फंसे
सोयतकलां-झालावाड़ मार्ग पर भी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई। पानी सड़क पर आने से यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन रास्ते में फंस गए। कुछ वाहनों के पानी में डूबने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश को देखते हुए जिले में मौसम विभाग की ओर से रेड अलर्ट जारी किया गया है। एहतियात के तौर पर कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा ने सोमवार को जिले के स्कूलों में अवकाश घोषित किया।
प्रशासन की लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, नालों और रपटों को पार करने की कोशिश न करें। जलभराव वाले रास्तों पर भी सावधानी बरतें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। 10 अगस्त की सुबह तक आगर-मालवा जिले में करीब 18 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी थी। लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए रखने और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।