Edited By Desh Raj, Updated: 25 Feb, 2026 04:20 PM

हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर बड़ा अपडेट सामने आया है जो वाहन मालिकों को शकून दे सकती है। दरअसल High Security Number Plate Tracking वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब परिवहन विभाग ने पोर्टल अपडेट किया है और देशभर में कहीं भी वाहन ट्रांसफर हो तो...
(भोपाल):हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर बड़ा अपडेट सामने आया है जो वाहन मालिकों को शकून दे सकती है। दरअसल High Security Number Plate Tracking वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। अब परिवहन विभाग ने पोर्टल अपडेट किया है और देशभर में कहीं भी वाहन ट्रांसफर हो तो आसानी से ट्रैक हो सकता है।
परिवहन विभाग ने अपने ऑनलाइन पोर्टल में जो अपडेट किया है उससे इंटर स्टेट व्हीकल ट्रांसफर की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तकनीकी रूप से ज्यादा सरल हो गई है। दरअसल अब हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के बाद यदि आपका वाहन किसी प्रदेश से दूसरे राज्य में ट्रांसफर होता है, तो अब उसे ट्रेस करना बहुत आसान हो जाएगा।
क्या हैं हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के प्रमुख नियम
दरअसल 1 अप्रैल 2019 से पहले बिके सभी वाहनों (पुराने वाहनों) पर HSRP और कलर-कोडेड स्टिकर लगवाना अनिवार्य है।
इसकी क्या विशेषता है?
यह एल्यूमीनियम से निर्मित होती है और ऊपरी बाएं कोने पर नीले रंग का क्रोमियम-आधारित अशोक चक्र होलोग्राम होता है। निचले बाएं कोने पर 10 अंकों का अनूठा लेजर-ब्रांडेड पिन होता है। साथ गी 45 डिग्री के कोण पर "IND" लिखा हुआ होता है।
HSRP का यूनिक लेजर कोड राष्ट्रीय स्तर पर रहेगा लिंक
HSRP में लागू यूनिक लेजर कोड और डिजिटल डेटाबेस अब राष्ट्रीय स्तर पर लिंक रहेगा। इससे वाहन की मूल जानकारी का वितरण जैसे रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, मालिक विवरण, दूसरे राज्यों में भी सत्यापित किया जा सकेगा। ऐसा करने से वाहन चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और डुप्लीकेट रजिस्ट्रेशन जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगी।