Edited By meena, Updated: 13 Apr, 2026 05:14 PM

मध्य प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर दावा किया है कि प्रदेश के 55 जिलों के लगभग 6.20 लाख किसान फसल...
भोपाल : मध्य प्रदेश में किसानों की आर्थिक स्थिति को लेकर सियासत गरमा गई है। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर दावा किया है कि प्रदेश के 55 जिलों के लगभग 6.20 लाख किसान फसल ऋण नहीं चुका पाए हैं और वे डिफॉल्टर घोषित होने की कगार पर हैं।
लाखों किसानों पर कर्ज का बोझ
पटवारी के अनुसार किसानों पर करीब 450 करोड़ रुपये का बकाया है, जिसमें लगभग 80 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये किसान डिफॉल्टर घोषित होते हैं, तो भविष्य में उन्हें ऋण मिलना मुश्किल हो जाएगा, जिससे वे कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।
आर्थिक संकट से सामाजिक संकट की आशंका
पत्र में पटवारी ने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह आर्थिक संकट आगे चलकर सामाजिक संकट का रूप ले सकता है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने किसानों को राहत देने के लिए सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं:
- फसल ऋण चुकाने की समय-सीमा बढ़ाई जाए
- विलंब ब्याज और दंड पूरी तरह माफ किया जाए
- समर्थन मूल्य पर खरीदी और भुगतान समयबद्ध किया जाए
- फसल चक्र के अनुसार ऋण पुनर्भुगतान व्यवस्था लागू हो
- छोटे किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए
खरीदी में देरी को बताया मुख्य कारण
कांग्रेस ने इस स्थिति के लिए राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। पटवारी का आरोप है कि समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी में करीब 20 दिन की देरी हुई, जिसके कारण किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल सका और वे तय समय सीमा में ऋण नहीं चुका पाए।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर केवल बैठकों और चर्चाओं तक सीमित है। पिछले वर्ष भी ऋण चुकाने की समय-सीमा बढ़ाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।