Edited By meena, Updated: 11 May, 2026 04:14 PM

देश में रसोई गैस LPG सिलेंडर की डिलीवरी को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अब Delivery Authentication Code (DAC) सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत हर सिलेंडर की डिलीवरी...
एमपी डेस्क : देश में रसोई गैस LPG सिलेंडर की डिलीवरी को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अब Delivery Authentication Code (DAC) सिस्टम लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत हर सिलेंडर की डिलीवरी DAC कोड के जरिए सत्यापित की जा रही है, ताकि गैस सही उपभोक्ता तक पहुंचे और फर्जी डिलीवरी पर रोक लगाई जा सके। इस सुरक्षा प्रणाली का फायदा साइबर ठग भी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। फर्जी कॉल और मैसेज के जरिए लोग खुद को गैस एजेंसी या कंपनी का कर्मचारी बताकर ग्राहकों से DAC या OTP मांग रहे हैं। यही वजह है कि इसे लेकर HP Gas, Bharat Gas और Indane Gas ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है और नई गाइडलाइन फॉलो करने के निर्देश जारी किए हैं।
कंपनियों ने स्पष्ट कहा है कि उनका कोई भी अधिकृत कर्मचारी फोन कॉल, WhatsApp, लिंक या मैसेज के जरिए DAC या OTP नहीं मांगता। यदि कोई व्यक्ति KYC अपडेट, तेज डिलीवरी या बुकिंग कन्फर्मेशन के नाम पर कोड मांगता है, तो यह धोखाधड़ी हो सकती है।
HP Gas की चेतावनी
HP Gas ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कंपनी का कोई भी अधिकारी फोन पर OTP या DAC नहीं मांगता। कंपनी के अनुसार, गलत व्यक्ति को यह कोड देने पर उपभोक्ता फर्जी डिलीवरी या वित्तीय ठगी का शिकार हो सकते हैं।
Bharat Gas का सिस्टम
Bharat Gas की ओर से भेजे जाने वाले संदेश आमतौर पर “JX-BPCLIN-T” जैसे आधिकारिक नाम से आते हैं। इसमें 6 अंकों का DAC कोड और डिलीवरी संबंधी जानकारी दी जाती है।
Indane Gas का सिस्टम
Indane की तरफ से “VK-INDANE” या “VM-INDANE” नाम से मैसेज भेजे जाते हैं। इसमें भी 6 अंकों का DAC कोड होता है, जिसका उपयोग केवल सिलेंडर डिलीवरी के समय किया जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
- DAC या OTP किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- केवल सिलेंडर घर पहुंचने पर ही डिलीवरी बॉय को कोड बताएं।
- किसी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें।
- आधिकारिक ऐप या एजेंसी से ही जानकारी प्राप्त करें।