Edited By meena, Updated: 15 Sep, 2026 06:00 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 42,490 करोड़ रुपये के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय...
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 42,490 करोड़ रुपये के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया। इसमें 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में स्कूलों के उन्नयन के साथ उनके लिए पद स्वीकृत करने सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 1973-74 से 1997-98 तक नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के तहत नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ एरियर राशि के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई।
जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन के तहत चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति तय करने को भी मंजूरी दी गई। वही जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने और गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हैं। जबकि मंत्रिपरिषद ने न्यायिक सेवा के अधिकारियों को लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने से संबंधित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को दी गई 250 रुपये की अतिरिक्त सहायता से संबंधित कारर्वाई का अनुमोदन किया गया। दूसरी ओर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत खाद्यान्न उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त अशासकीय विधि महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल को यूजीसी का सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।