Edited By Desh Raj, Updated: 19 Feb, 2026 11:28 AM

भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा (MBBS) का शव मिलने से कल सनसनी फैल गई थी। इस संदिग्ध मौत को लेकर खूब हंगामा हुआ और बवाल मचा। एमबीबीएस छात्रा रोशनी कनेश की मौत को लेकर आदिवासी सामाजिक संगठनों में खासा रोष देखने को मिला है,
(अलीराजपुर): भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा (MBBS) का शव मिलने से कल सनसनी फैल गई थी। इस संदिग्ध मौत को लेकर खूब हंगामा हुआ और बवाल मचा। एमबीबीएस छात्रा रोशनी कनेश की मौत को लेकर आदिवासी सामाजिक संगठनों में खासा रोष देखने को मिला है, जिसके चलते उन्होंने बस स्टैंड चौराहे पर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियो का कहना है कि रोशनी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। आदिवासी सामाजिक संगठनों ने निजी हॉस्टल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है
आदिवासी संगठनों का साक्ष्य मिटाने का है आरोप
इस घटना को लेकर आदिवासी संगठनों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए गए हैं। संगठनों की मांग है कि सीसीटीवी हार्ड डिस्क को जब्त करके फॉरेंसिक जांच कराई जाए। ऐसा करने से ही घटना की सच्चाई सामने आ सकती है।
हालांकि प्रशासन शुरुआती जांच के आधार पर मौत का कारण एसिड का सेवन बता रहा है लेकिन प्रदर्शनकारियों को इस पर भरोसा नहीं है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि घटना के बाद परिजनों को सूचना देरी सी दी गई। इसलिए हर चीज में संदेह पैदा होता है। मामले की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
वहीं कैबिनेट मंत्री नागरसिंह चौहान का मामले के बारे में कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव से उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। जिसके चलते मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का निर्णय लिया है। वहीं प्रदर्शनकारियों और लड़की के परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में लापरवाही बरती गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।