Edited By Himansh sharma, Updated: 24 Apr, 2026 08:15 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा संगठन में लगातार निगम-मंडलों, आयोगों और विभिन्न संस्थाओं में नियुक्तियों के बीच अब मोहन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार जल्द ही चार से पांच नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। वर्तमान में 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में चार पद खाली हैं, जिन्हें भरने की तैयारी अंतिम चरण में बताई जा रही है। यह विस्तार केवल औपचारिक नहीं होगा, बल्कि इसके पीछे 2028 के विधानसभा चुनावों की रणनीतिक तैयारी भी जुड़ी हुई है।
भाजपा नेतृत्व क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन को साधने के साथ-साथ संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना चाहता है। यही कारण है कि इस बार मंत्रिमंडल विस्तार के साथ निगम-मंडलों में भी बड़े स्तर पर नियुक्तियों की संभावना जताई जा रही है। कई पुराने नेताओं की वापसी और कुछ नए चेहरों की एंट्री दोनों पर गंभीर मंथन चल रहा है।
सबसे ज्यादा चर्चा वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव के नाम को लेकर है। नौ बार विधायक रह चुके भार्गव अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इंदौर की वरिष्ठ नेता और महिला चेहरा मालिनी गौड़ का नाम भी तेजी से उभर रहा है, जो मालवा क्षेत्र और महिला प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
सिंधिया खेमे से बृजेंद्र सिंह यादव को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसके अलावा शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया, अर्चना चिटनीस और कमलेश शाह जैसे नाम लगातार राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। आदिवासी कोटे से भी किसी बड़े चेहरे को मंत्री पद देने की संभावना को मजबूत माना जा रहा है, जिससे सरकार जनजातीय क्षेत्रों में अपना प्रभाव और मजबूत करना चाहती है।
दूसरी ओर, कुछ मौजूदा मंत्रियों की कार्यशैली और प्रदर्शन को लेकर संगठन संतुष्ट नहीं बताया जा रहा। ऐसे में कई नॉन-परफॉर्मिंग मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं को संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी देकर नई भूमिका दी जा सकती है।
भाजपा के भीतर यह संदेश स्पष्ट है कि 2028 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है। मंत्रिमंडल विस्तार केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर मुख्यमंत्री मोहन यादव की टीम में कौन-कौन नए चेहरे शामिल होते हैं और किन नेताओं की राजनीतिक किस्मत चमकती है।