Edited By meena, Updated: 14 Apr, 2026 02:03 PM

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात के बाद अटकलों...
भोपाल : मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात के बाद अटकलों का दौर और तेज हो गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आज यानी 14 अप्रैल को एमपी बीजेपी ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है। भाजपा कोर कमेटी की यह बैठक भोपाल में आयोजित होने जा रही है। बैठक में कैबिनेट विस्तार और निगम-मंडलों में नियुक्तियों को लेकर अहम चर्चा हो सकती है।
नए और पुराने चेहरों का संतुलन संभव
बताया जा रहा है कि संभावित फेरबदल में कुछ नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ कुछ अनुभवी नेताओं की वापसी भी हो सकती है। 31 सदस्यीय मंत्रीमंडल में 4 पद खाली हैं। इसके अलावा कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देकर अन्य राज्यों में प्रभारी बनाया जा सकता है, खासकर जहां आगामी चुनाव होने हैं।
दिग्गज मंत्रियों पर संकट के संकेत
सूत्रों के अनुसार इस संभावित फेरबदल में कई वरिष्ठ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। इनमें कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल, दिलीप अहिरवार और राधा रवींद्र सिंह के नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। इन मंत्रियों के भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं।
विवादों में रहे कुछ मंत्री
हाल के समय में कुछ मंत्रियों के बयान भी चर्चा का विषय बने हैं। खासतौर पर कैलाश विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे, जिससे राजनीतिक माहौल गरमाया। इसे भी संभावित फेरबदल की एक वजह के तौर पर देखा जा रहा है।
अंतिम फैसला आलाकमान के हाथ में
फिलहाल मंत्रिमंडल में कौन बना रहेगा और किसे बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व को ही लेना है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की संभावना जताई जा रही है।