Edited By Desh Raj, Updated: 02 Jul, 2026 10:35 PM

केंद्र सरकार में मध्य प्रदेश के मंत्रियों का कोटा बढ़ सकता है। मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार से मध्यप्रदेश की सियासत में भी हलचल देखी जा सकती है। दरअसल मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेजी के साथ चल रही है।
(भोपाल ): केंद्र सरकार में मध्य प्रदेश के मंत्रियों का कोटा बढ़ सकता है। मोदी कैबिनेट के संभावित विस्तार से मध्यप्रदेश की सियासत में भी हलचल देखी जा सकती है। दरअसल मोदी कैबिनेट में फेरबदल की तैयारी तेजी के साथ चल रही है। इसी बीच सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि इस बार के विस्तार में प्रदेश से मंत्रियों का कोटा और बढ़ सकता है।मतलब कि मध्य प्रदेश से ज्यादा मंत्री मोदी कैबिनेट में जगह पा सकते हैं।
इन नेताओं को मिल सकती है सौगात
जिन नेताओं के मंत्री बनने की संभावना है उनमें भिंड से दूसरी बार सांसद संध्या राय, राज्यसभा भेजे गए सासंद तरूण चुग का नाम सुर्खियों में है। वहीं इसके अलावा फेरबदल में प्रदेश से तीन-चार नए चेहरों को जगह मिल सकती है। वर्तमान में मध्य प्रदेश से 5 लोकसभा सांसद और एक राज्यसभा सांसद मोदी कैबिनेट में मंत्री हैं। अब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, सतना से सांसद गणेश सिंह और आदिवासी नेत्री हिमाद्री सिंह का नाम भी चर्चा में है। संध्या राय जाटव समाज से आती हैं। भिंड संसदीय क्षेत्र यूपी-एमपी के बॉर्डर पर है। ऐसे में संध्या राय को यूपी के जाटव वोटर्स को लुभाने के लिए चुनावी कैम्पेन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
हिमाद्री, गजेन्द्र को मौका मिलने की संभावना
यदि केंद्रीय कैबिनेट में मप्र के मंत्रियों की भूमिका बदली गई तो मौजूदा महिला बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर की जगह शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह को कैबिनेट में जगह मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर दुर्गादास उईके की जगह यदि नए आदिवासी चेहरे को मौका दिया गया तो खरगोन सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है।
वहीं खजुराहो से सांसद और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक वीडी की नई भूमिका पर दो तरह की चर्चाएं हैं। पहली नितिन नबीन की टीम में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया जा सकता है या केन्द्रीय कैबिनेट में मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वहीं सतना से पांच बार के सांसद गणेश सिंह का नाम भी मंत्री बनने वालों की कतार में शामिल बताया जा रहा हैं।फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट में मध्य प्रदेस के नेताओं का दबदबा बढ़ सकता है।