किसानों के लिए बड़ी राहत! 7 फरवरी से गेहूं MSP पर पंजीयन शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

Edited By Himansh sharma, Updated: 25 Jan, 2026 08:57 PM

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मध्यप्रदेश के गेहूं किसानों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया की तारीखें घोषित कर दी गई हैं।

भोपाल। मध्यप्रदेश के गेहूं किसानों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन प्रक्रिया की तारीखें घोषित कर दी गई हैं। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन 7 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च 2026 तक किया जा सकेगा।

राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि वे भीड़ और असुविधा से बचने के लिए तय समय सीमा में ही पंजीयन कराएं। उन्होंने बताया कि इस बार पंजीयन व्यवस्था को और अधिक सरल, पारदर्शी व सुगम बनाया गया है।

प्रदेशभर में 3186 पंजीयन केंद्र

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए प्रदेशभर में कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूर्व में अपात्र घोषित किसी संस्था के केंद्र प्रभारी या ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी, जिससे गड़बड़ी की आशंका खत्म हो सके।

गेहूं का MSP तय

भारत सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर दिया है।

गेहूं का MSP: ₹2585 प्रति क्विंटल

यहां होगा नि:शुल्क पंजीयन

किसान निम्न स्थानों पर बिना किसी शुल्क के पंजीयन करा सकेंगे

ग्राम पंचायत एवं जनपद पंचायत कार्यालय

तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र

सहकारी समितियां एवं सहकारी विपणन संस्थाएं

इन केंद्रों पर देना होगा शुल्क

एमपी ऑनलाइन कियोस्क, CSC सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे पर पंजीयन के लिए शुल्क लिया जाएगा।

शुल्क निर्धारण: कलेक्टर द्वारा

अधिकतम शुल्क: ₹50 प्रति पंजीयन

कौन-कौन कर सकता है पंजीयन

पंजीयन के समय किसान को भूमि दस्तावेज, आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्रों का सत्यापन अनिवार्य होगा।

सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन संस्था के केंद्रों पर ही पंजीयन करा सकेंगे।

भुगतान सीधे बैंक खाते में

समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान आधार से लिंक बैंक खाते में प्राथमिकता से किया जाएगा।

बैंक का नाम, खाता नंबर और IFSC देना अनिवार्य

अक्रियाशील, संयुक्त खाते और फिनो/एयरटेल/पेटीएम जैसे खाते मान्य नहीं होंगे

सरकार के इस फैसले से गेहूं किसानों को समय पर पंजीयन, पारदर्शी खरीदी और सीधे खाते में भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे किसानों को आर्थिक मजबूती और भरोसा दोनों मिलेगा।

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