Edited By meena, Updated: 22 Jan, 2026 08:20 PM

सांची विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गड़बड़ी, हेराफेरी और फर्जी आपत्तियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार दोपहर सांची विधानसभा क्षेत्र के हकीमखेड़ी गांव के...
रायसेन (शिवलाल यादव) : सांची विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गड़बड़ी, हेराफेरी और फर्जी आपत्तियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार दोपहर सांची विधानसभा क्षेत्र के हकीमखेड़ी गांव के सैकड़ों मुस्लिम परिवार एसडीएम कार्यालय रायसेन पहुंचे और मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर आवेदन सौंपा। इस दौरान पीड़ितों ने अपने पक्ष में आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
आवेदन में बताया गया कि तहसील रायसेन के हकीमखेड़ी गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवार वर्षों से स्थायी मतदाता हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में भी उनके नाम दर्ज थे। उन्होंने विधानसभा चुनाव में मतदान भी किया था। लेकिन हाल ही में बीएलओ द्वारा किए गए एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) सर्वे में भी घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और नाम शामिल पाए गए।
इसके बावजूद सांची विधानसभा क्षेत्र-142 के हकीमखेड़ी पोलिंग बूथ की अंतिम रूप से जारी मतदाता सूची में फर्जी आपत्तियों के आधार पर 274 अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काट दिए गए। पीड़ितों का आरोप है कि यह आपत्तियां गांव से बाहर के कुछ लोगों- प्रताप सिंह, हेमंत, संतोष, नीतेश और सोनू (भाजपा अजजा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष) द्वारा लगाई गईं। जिनका हकीमखेड़ी गांव से कोई संबंध नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवारों की कई पीढ़ियां गांव में निवास करती आ रही हैं। और उनके पास मूल निवास, पहचान पत्र और अन्य वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद मतदाता सूची से नाम हटाया जाना न केवल हैरान करने वाला है बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। पीड़ितों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और सभी पात्र मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम मनीष शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि शिकायत की जांच कराई जाएगी। और जल्द ही इस गड़बड़ी का खुलासा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।