Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Jan, 2026 02:04 PM

वर्षों से नियमितीकरण की राह देख रहे भोपाल नगर निगम के मस्टरकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है।
भोपाल। वर्षों से नियमितीकरण की राह देख रहे भोपाल नगर निगम के मस्टरकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। निगम प्रशासन ने साल 1996 से 1999 के बीच भर्ती कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली है। लंबे समय से अटकी फाइलें अब खुलने लगी हैं और जल्द ही कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति का लाभ मिलने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि ये वे कर्मचारी हैं, जो हाईकोर्ट से आदेश लेकर आए थे, लेकिन पूर्व में प्रशासनिक उदासीनता के चलते उनकी सुनवाई नहीं हो सकी। अब नए प्रशासनिक रवैये के चलते इन मामलों को दोबारा खंगाला जा रहा है और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोलार नगर पालिका से आए 127 कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ
साल 2014 में कोलार नगर पालिका से नगर निगम में समाहित हुए 127 कर्मचारियों को भी स्थायीकरण का लाभ देने की तैयारी है। निगम सूत्रों के अनुसार, इन कर्मचारियों को भी उसी सूची में शामिल किया जा रहा है, जिसके आधार पर नियमितीकरण के आदेश जारी होंगे।
78 कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा
पहले चरण में करीब 78 कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। ये कर्मचारी अलग-अलग समूहों में हाईकोर्ट पहुंचे थे।
4 कर्मचारियों का एक समूह
22 कर्मचारियों का दूसरा समूह
54 कर्मचारियों का तीसरा समूह
कर्मचारियों का कहना था कि निगम में पद नहीं होने का हवाला देकर उन्हें नियमित नहीं किया गया, जबकि इससे पहले 2011 और 2014 में कई कर्मचारियों को यह लाभ दिया जा चुका है।
नए अधिकारियों से जगी उम्मीद
निगम कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वर्तमान अधिकारी कोर्ट गए कर्मचारियों की पीड़ा को समझ रहे हैं। पहले जीएडी के तत्कालीन अधिकारियों पर कर्मचारियों को गुमराह करने के आरोप लगे थे। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद फाइलें आगे नहीं बढ़ीं, जिसकी लिखित शिकायत लालाराम कोली और सीबी मिश्रा के खिलाफ भी की गई थी।
अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही नियमितीकरण के आदेश जारी होंगे, जिससे कर्मचारियों का वेतन बढ़ेगा और भविष्य सुरक्षित होगा।