Edited By Desh Raj, Updated: 29 Jun, 2026 05:06 PM

इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने से पहले ही कांग्रेस और पुलिस के बीच टकराव तेज हो गया है। नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट भाटिया के पदभार ग्रहण से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट की गिरफ्तारी ने सियासी माहौल गरमा दिया है।
इंदौर (सचिन बहरानी): इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का पद संभालने से पहले ही कांग्रेस और पुलिस के बीच टकराव तेज हो गया है। नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट भाटिया के पदभार ग्रहण से ठीक पहले उनके भाई बादशाह मिमरोट की गिरफ्तारी ने सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है। अब यह मामला केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है।
18 जून को राज्यसभा चुनाव नामांकन रद्द मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
दरअसल इंदौर के कलेक्टर कार्यालय पर 18 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन रद्द होने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की गई थी।
कांग्रेस ने सुनियोजित राजनीतिक कार्रवाई बताया
इसी मामले में पंढरीनाथ थाना पुलिस ने सोनिला मिमरोट, उनके भाई बादशाह मिमरोट सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। नेता प्रतिपक्ष का पदभार ग्रहण करने से कुछ घंटे पहले पुलिस ने बादशाह मिमरोट को गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे सुनियोजित राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए आरोप लगाते हुए विपक्ष की आवाज दबाने वाला यह कदम बताया गया है।
वहीं पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज हुआ है और उसी के आधार पर कार्रवाई की गई है।अब पदभार ग्रहण से पहले शुरू हुआ यह विवाद नगर निगम की राजनीति में नए टकराव का संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा सदन से लेकर सड़क तक और अधिक गरमा सकता है।