Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Feb, 2026 02:19 PM

सिहोरा थाना क्षेत्र में ई-उपार्जन पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
जबलपुर: सिहोरा थाना क्षेत्र में ई-उपार्जन पोर्टल पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में फर्जी किसानों का पंजीकरण कर 97,41,162 रुपए की धोखाधड़ी की गई।
फर्जी पंजीकरण कैसे हुआ
लखनपुर सेवा सहकारी समिति मर्यादित के पंजीकरण केंद्र से कुल 2763 किसानों का पंजीयन किया गया। लेकिन पंजीयन की अंतिम रात 10 बजे से 12 बजे के बीच 24 किसानों का फर्जी पंजीकरण किया गया।
फर्जी किसानों के नाम पर कोई जमीन नहीं
ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार, इन फर्जी किसानों का कुल पंजीकृत रकबा 88.05 हेक्टेयर था। तहसील मझौली में प्रति हेक्टेयर धान की उत्पादकता 46.7 क्विंटल होने के कारण, 4111.93 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई, जिसका समर्थन मूल्य 97,41,162 रुपए था।
आरोपियों पर कार्रवाई
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी मझौली ब्रिजेश कुमार जाटव की शिकायत पर पुलिस ने समिति प्रबंधक अखिलेश कुमार पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर अनुराधा पटेल के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया।
दोनों आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस की तलाश और जांच लगातार जारी है।
सरकार को हुआ भारी नुकसान
फर्जी किसानों के नाम पर पंजीकरण कर धान खरीदी करने से शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।