Edited By Himansh sharma, Updated: 18 Jul, 2026 01:15 PM

राजधानी भोपाल स्थित SAGE University विवादों से घिरी हुई दिखाई दे रही है।
भोपाल। (इजहार खान): राजधानी भोपाल स्थित SAGE University विवादों से घिरी हुई दिखाई दे रही है। युवा क्रांति संगठन, मध्य प्रदेश ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय परिसर में कथित नशे के कारोबार की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित राजावत का दावा है कि पूर्व में एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में विश्वविद्यालय परिसर के भीतर कथित रूप से नशीले पदार्थों की सप्लाई से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए थे। इसी आधार पर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रबंधन, कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
अंकित राजावत ने कहा कि यदि पुलिस स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है तो युवा क्रांति संगठन पहले जनजागरण अभियान चलाएगा, इसके बाद राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगा और आवश्यकता पड़ने पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) तक शिकायत लेकर जाएगा।
संगठन के सदस्य राघवेंद्र मिश्रा ने कहा कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान में इस प्रकार की गतिविधियां होती हैं तो इसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं के स्वास्थ्य, परिवार और समाज को होता है। उनके अनुसार नशा अपराध को बढ़ावा देता है, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगठन ने यह भी कहा कि जब मध्य प्रदेश पुलिस “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान चला रही है, तब किसी भी शिक्षण संस्थान में नशे से जुड़े आरोप अत्यंत गंभीर हैं और उनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
नोट
यह समाचार युवा क्रांति संगठन द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच होना शेष है। SAGE University की ओर से इस संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। विश्वविद्यालय का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।