Edited By Desh Raj, Updated: 26 Apr, 2026 01:17 PM

केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रायसेन में अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के चारों जिलों में गेहूं व चना उपार्जन व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।
रायसेन (शिवलाल यादव): केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को रायसेन में अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के चारों जिलों में गेहूं व चना उपार्जन व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता, समयबद्धता और किसानों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था को सुचारू और आसान बनाने, पर्याप्त मात्रा में बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खरीदी केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गेहूं उपार्जन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक ही संकल्प, किसान को कोई परेशानी न हो....
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, “हमारा एक ही संकल्प है कि हमारे लिए किसान भगवान हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। हम खरीदी करके किसान पर कोई उपकार नहीं कर रहे हैं. बल्कि हम किसान के ऋणी हैं, जिन्होंने देश को गेहूं के मामले में आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीम भावना से युद्धस्तर पर कार्य करते हुए किसानों की सभी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
खरीदी व्यवस्था का हर पहलू दुरुस्त करें....
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कुल खरीदी का लक्ष्य, स्लॉट बुकिंग की स्थिति, खरीदी केन्द्रों की संख्या, अब तक खरीदी गई मात्रा, बारदाने की उपलब्धता और केन्द्रों पर मूलभूत व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि खरीदी केवल वास्तविक किसानों से ही की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी नजर रखी जाए। साथ ही किसानों को यह स्पष्ट संदेश दिया जाए कि उनकी उपज हर हाल में खरीदी जाएगी। उन्होंने कहा कि, किसानों की मेहनत का सम्मान करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। गेहूं खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी होनी चाहिए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े, यह हर अधिकारी सुनिश्चित करे।
सर्वेयर की शिकायतों पर सख्ती...
केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि सर्वेयर से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। जिन पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी भी प्रकार की प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है, तो तत्काल कलेक्टर को सूचित कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विदिशा में खरीदी बढ़ाने और सुविधाएं बेहतर करने के निर्देश
बैठक में विदिशा जिले की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विदिशा कलेक्टर ने बताया कि जिले में 81 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जिनमें से 45 हजार किसानों ने स्लॉट बुकिंग की है और अब तक 1.17 लाख मीट्रिक टन खरीदी की जा चुकी है।जबकि कुल 5 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य है। इस पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान ने कहा कि विदिशा में अधिक उत्पादन होने के कारण किसानों को विशेष रूप से आश्वस्त किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि आवश्यकता हो तो खरीदी केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि समय कम होने के कारण किसानों को असुविधा न हो। साथ ही सर्वर की समस्याओं को तत्काल दूर करने, प्रत्येक खरीदी केन्द्र पर बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बैंक से भुगतान निकालने में आ रही समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भी दिए।
शनिवार को भी खरीदी जारी..
समीक्षा बैठक में बताया गया कि, रायसेन में पिछले वर्ष लगभग 77 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से 58 हजार ने स्लॉट बुकिंग कराई और 55 हजार किसानों से गेहूं खरीदा गया। इस वर्ष अब तक लगभग 30 हजार किसानों ने स्लॉट आबुकिंग कराई है और 21 हजार किसानों से खरीदी हो चुकी है। पिछले वर्ष लगभग 5.50 लाख मीट्रिक टन खरीदी की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक लगभग 1 लाख मीट्रिक टन खरीदी हो चुकी है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और पिछले वर्ष के 121 खरीदी केन्द्रों की तुलना में इस वर्ष केन्द्रों की संख्या बढ़ाई गई है। बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू कर दी गई है और शनिवार को भी खरीदी जारी रखी जा रही है।
हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहें अधिकारी....
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि, हमें हर हाल में खरीदी करनी है। यदि जरूरत हो तो तत्काल निर्णय लेकर खरीदी केन्द्र बढ़ाएं और व्यवस्थाएं मजबूत करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मैं खुद 24 घंटे उपलब्ध हूं और एक फोन कॉल पर सहयोग के लिए तैयार हूं। साथ ही, उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड स्तर पर सतत निरीक्षण के निर्देश भी दिए।ताकि गेहूं उपार्जन पूरी तरह सुचारू ढंग से संचालित हो सके।