Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Jul, 2026 03:05 PM

आमतौर पर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) गंभीर अपराधों की जांच के लिए गठित की जाती है, लेकिन ग्वालियर में आस्था से जुड़े एक अनोखे मामले ने पुलिस प्रशासन को भी विशेष कदम उठाने पर मजबूर कर दिया
ग्वालियर। (अंकुर जैन): आमतौर पर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) गंभीर अपराधों की जांच के लिए गठित की जाती है, लेकिन ग्वालियर में आस्था से जुड़े एक अनोखे मामले ने पुलिस प्रशासन को भी विशेष कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। करीब पांच महीने पहले लापता हुई लड्डू गोपाल की प्रतिमा की तलाश अब तीन थानों की संयुक्त पुलिस टीम करेगी। ग्वालियर आईजी के निर्देश पर इस मामले में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अलकापुरी निवासी विजया शर्मा 29 जनवरी को हमेशा की तरह अपने आराध्य लड्डू गोपाल की छोटी प्रतिमा को साथ लेकर बाजार गई थीं। खरीदारी के दौरान माधवगंज क्षेत्र में एक ठेले पर प्रतिमा अनजाने में छूट गई। जब उन्हें इसका एहसास हुआ तो उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन प्रतिमा का कोई पता नहीं चला।
परिजनों ने अपने स्तर पर हर संभव प्रयास किए और बाद में पुलिस से भी मदद मांगी, लेकिन शुरुआती स्तर पर कोई ठोस सफलता नहीं मिली। समय बीतने के बावजूद जब प्रतिमा नहीं मिली तो विजया शर्मा ने उसे खोजकर लाने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का नकद इनाम देने की घोषणा भी कर दी। उनका कहना है कि लड्डू गोपाल के घर से जाने के बाद पूरा परिवार मानसिक रूप से बेहद व्यथित है और आज भी उनके लौटने का इंतजार कर रहा है।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब विजया शर्मा ने ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना से मुलाकात कर पूरी घटना बताई। उन्होंने यह भी दावा किया कि लड्डू गोपाल उनके सपने में आए और चोट लगने की बात कही। उनकी गहरी आस्था और भावनाओं को देखते हुए आईजी ने मामले को गंभीरता से लिया और तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस को शामिल करते हुए SIT गठित करने के निर्देश दिए।
अब विशेष जांच दल बाजार क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य संभावित सुरागों के आधार पर लापता प्रतिमा की तलाश करेगा। ग्वालियर का यह मामला न केवल पुलिस कार्रवाई बल्कि श्रद्धा और आस्था के अनोखे उदाहरण के रूप में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।