Edited By Desh Raj, Updated: 02 May, 2026 04:18 PM

मध्य प्रदेश की एक महिला अधिकारी ऐसी भी रही है, जिन्होंने अपने अच्छे काम से देश भर में नाम बनाया और फिर एक गलत कारनामे से बना बनाया नाम और शोहरत खत्म कर दी । जी हां हम बात कर रहे हैं अमिता सिंह तोमर की
(डेस्क): मध्य प्रदेश की एक महिला अधिकारी ऐसी भी रही है, जिन्होंने अपने अच्छे काम से देश भर में नाम बनाया और फिर एक गलत कारनामे से बना बनाया नाम और शोहरत खत्म कर दी । जी हां हम बात कर रहे हैं अमिता सिंह तोमर की जो श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील की तहसीलदार रहने के दौरान बाढ़ राहत राशि के वितरण घोटाले में दौरान अपना नाम और पहचान दोनों खो बैठीं।
बाढ़ राहत राशि में भ्रष्टाचार और उसके बाद गिरफ्तारी ने अमिता सिंह तोमर के करियर को खत्म कर दिया जितनी तेजी के साथ ही अनिता तोमर ने देश भर में अपनी पहचान बनाई थी, उतनी ही तेजी के साथ वो पहचान खत्म भी हो गई। मशहूर शो केबीसी में जब उन्होंने 50 लाख जीते थे तो देश भर में उनके नाम का सुर्खियां छा गई थी, लेकिन भ्र्ष्टाचार के एक केस ने अमिता सिंह तोमर को वो दिन दिखा दिए जो उसने सोचे भी नहीं थे
साल 2003 में सरकारी सेवा में अमिता सिंह तोमर?
अमिता सिंह तोमर साल 2003 में सरकारी सेवा में आई थीं। पहले उनका चयन नायब तहसीलदार के तौर पर हुआ था,लेकिन साल 2011 में उन्हें प्रमोशन मिला और वे तहसीलदार की पोस्ट पर आ गई। साल 2011 में ही वो तब चर्चा में आ गई जब उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीत लिए औऱ एक तहसीलदार होते ही ये कारनामा कर दिखाया।
अनिता तोमर को ट्रांसफर वाली मैडम के नाम से भी जानते हैं
अमिता सिंह तोमर के बारे में गौर करने वाली बात है कि 23 साल की नौकरी में उनके 25 से ज्यादा ट्रांसफर हुए। इस दौरान उनका करियर विवादों से भी भरा रहा। 2003 से अब तक 10 जिलों में उनकी पोस्टिंग रहीं और कुल 25 से ज्यादा बार ट्रांसफर हुए। इसी वजह है कि उन्हें ट्रांसफर वाली मैडम के नाम से भी लोग जानने लगे।
लेकिन अनिता सिंह तोमर की जिंदगी में साल 2021में बड़ा कुछ घटित हुआ। श्योपुर जिले में तहसीलदार रहने के दौरान बाढ़ राहत राशि की गड़बड़ी में उनका नाम आ गया। कुल 794 लोगों को सहायता राशि दी जानी थी लेकिन इनमें से 127 फर्जी हितग्राही पाए गए, फर्जी खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए गए। हालांकि इस मामले में सिर्फ अमिता सिंह तोमर ही नहीं, बल्कि 100 से ज्यादा आरोपी हैं। इस मामले में श्योपुर पुलिस ने उन्हें ग्वालियर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया
अभी जेल में बंद है अनिता तोमर
फिलहाल अमिता सिंह तोमर अभी जेल में है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की आगे जांच जारी है। लेकिन एक करप्शन केस ने अनिता सिंह तोमर के जीवन और करियर को ग्रहण लगा दिया। एक अच्छी खासी पोस्ट पर रहते हुए केबीसी में 50 लाख रुपए जीतने के साथ ही उनका नाम बुलंदियों पर था लेकिन पैसों के लालच ने आज उनको जेल का सलाखों के पीछे रहने को मजबूर कर दिया है।
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