CM साय बोले-नए भारत के लक्ष्य साकार करने में प्रगति पोर्टल एक क्रांतिकारी पहल, मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस हो रहा साकार

Edited By Desh sharma, Updated: 29 Jan, 2026 09:43 PM

the pragati portal is revolutionary in achieving the goals of a new india cm sai

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।

(रायपुर पुष्पेंद्र सिंह): मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश और प्रदेश सुशासन की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त प्रमाण है तथा सुशासन की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल के संबंध में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल देश की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की कार्यशैली को सशक्त रूप से प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी, तकनीक-आधारित और परिणामोन्मुखी शासन प्रणाली का प्रभाव आज आम नागरिक के जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इसी दिशा में वर्ष 2015 में प्रारंभ किया गया प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी पहल के रूप में उभरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्वभर में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है। इसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समन्वय और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रगति का अर्थ- प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन है, अर्थात् योजनाओं की पूर्व तैयारी कर उनका समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन प्रणाली में जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पूर्व में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होती थी। कई निर्माण कार्य वर्षों तक लंबित रहते थे। योजनाओं में विलंब, प्रशासनिक अड़चनें और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जनधन योजना, जल जीवन मिशन तथा पीएम जनमन जैसी अनेक महत्वाकांक्षी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के पीछे स्पष्ट नीति और दृढ़ संकल्प निहित है। जब नीति और नियत दोनों सशक्त होती हैं, तब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रगति प्लेटफॉर्म इसी सोच का व्यावहारिक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से लंबित परियोजनाओं, कमजोर प्रदर्शन वाली योजनाओं और नागरिकों से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया गया है।

उन्होंने बताया कि अब तक प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति दी गई है। इसके साथ ही एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार किया गया है। बैंकिंग, बीमा, रेरा, जनधन योजना और मातृत्व वंदना सहित 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी प्रगति के माध्यम से सुदृढ़ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं में पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 का समाधान किया गया। रेल्वे की ही बात करें तो 427 प्रोजेक्ट में 1568 मुद्दें सामने आए, इनमें भूमि अधिग्रहण, वन, बिजली, कानून व्यवस्था तथा निर्माण कार्य की मंजूरी से जुड़े विषय शामिल थे। जिनमें 1437 मुद्दें प्रगति प्लेटफार्म के जरिए हल किए गए। योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और व्यवस्थित तरीके से होता है तो पूंजीगत व्यय को सही दिशा मिलती है। अकेले रेल्वे मंत्रालय में पिछले दशक में पूंजीगत व्यय में 370 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि आज देश में प्रतिदिन बन रही सड़कों के निर्माण कार्य की गति तीन गुना अधिक हो गई है। एक दशक पहले प्रतिदिन 11.6 किलोमीटर सड़कें बनती थी, आज 34 किलोमीटर प्रतिदिन सड़क निर्माण हो रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 1463 परियोजनाओं में 2095 मुद्दें आए। जिनमें 1968 मुद्दों का समाधान किया गया। प्रगति के प्रयासों से 458 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। वहीं 937 पर काम चल रहा है। बिजली मंत्रालय की 416 परियोजनाओं में 885 मुद्दें सामने आए, जिनमें 803 का समाधान प्रगति व्यवस्था के जरिए किया गया। इनमें 237 परियोजनाएं क्रियान्वयन के स्तर पर आ चुकी हैं। 108 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!