Edited By Himansh sharma, Updated: 30 Nov, 2025 12:33 PM

मध्य प्रदेश के सीधी में शनिवार देर रात जमोड़ी थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई
सीधी। (सूरज शुक्ला): मध्य प्रदेश के सीधी में शनिवार देर रात जमोड़ी थाना क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अमरवाह से सीधी की ओर जा रही एक अर्टिगा कार में अचानक तेज धमाका हुआ और कुछ ही मिनटों में वाहन आग के गोले में तब्दील हो गया। हादसे के समय कार में दो लोग सवार थे—ड्राइवर मनीष रावत और उनके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति, दोनों ग्राम अमरवाह के निवासी हैं। दोनों गाड़ी से तुरंत दूर भाग निकले और अपनी जान बचा ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सबसे पहले एक जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद करीब 10 मिनट के भीतर कार में कुल तीन धमाकों की आवाज सुनी गई। अचानक हुए इन धमाकों से इलाके में दहशत फैल गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई। घटना के दौरान सड़क पर कुछ देर के लिए आवाजाही भी बाधित रही।
राहगीर विनय त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने फायर ब्रिगेड को फोन किया, लेकिन नगर पालिका सीधी की फायर ब्रिगेड लगभग 15 मिनट की देरी से पहुंची, जिसके चलते कार को बचाया नहीं जा सका। उनका कहना है कि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान जब नगर पालिका की सीएमओ मिनी अग्रवाल को कॉल किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे मौके पर मौजूद लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। लोगों ने नगर पालिका की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए आपदा प्रबंधन व्यवस्था में सुधार की मांग की।
उधर, जमोड़ी थाना प्रभारी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस यह जांच कर रही है कि धमाकों का कारण शॉर्ट सर्किट था या किसी अन्य तकनीकी खराबी से हादसा हुआ।
यह हादसा एक बार फिर फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन की तत्परता पर सवाल खड़े करता है। हालांकि राहत की बात यह है कि दोनों यात्रियों की जान बच गई, वरना धमाकों की तीव्रता को देखते हुए बड़ा हादसा हो सकता था।