Edited By Desh sharma, Updated: 20 Jan, 2026 11:41 PM

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर जल्द बड़ा फैसला सामने आ सकता है। लंबे समय से अटके इस मामले को लेकर राज्य सरकार और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
(भोपाल): मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर जल्द बड़ा फैसला सामने आ सकता है। लंबे समय से अटके इस मामले को लेकर राज्य सरकार और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
मध्य प्रदेश में ओबीसी (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण पर फैसले की वक्त बेहद करीब आ चुका है। राजनीति और प्रदेश का हाट मुद्दा रहे इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में कल अंतिम सुनवाई होगी। आपको बता दें कि देश की शीर्ष अदालत में OBC आरक्षण से संबंधित सभी याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई के लिए लिस्टेड हुई है। याचिकाएं हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर हुई हैं। 27 प्रतिशत आरक्षण के इस मामले की सर्वोच्च न्यायालय में डबल बैंच कल सुनवाई करेगी।
बुधवार को मामले पर SC में अंतिम सुनवाई
27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल यानिकी बुधवार को अंतिम सुनवाई है। जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस अलोका अराधे की खंडपीठ में सुनवाई होगी।
कांग्रेस सरकार ने बढ़ाया था आरक्षण
मध्यप्रदेश में साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ की कांग्रेस सरकार ने OBC आरक्षण बढ़ा दिया था। इसका कानून भी बना लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। एमपी हाई कोर्ट ने 50 प्रतिशत की सीमा का हवाला देते हुए इसे लागू करने पर रोक लगा दी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बड़ी बात कही है। सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि राज्य के कानून की संवैधानिकता के जांच की अधिकार अनुच्छेद 226 के तहत सबसे पहले हाईकोर्ट को है।
ओबीसी संगठनों की ओर से लगातार मांग की जा रही है कि 27 प्रतिशत आरक्षण को पूरी तरह लागू किया जाए। वहीं सरकार का कहना है कि वह संविधान और न्यायालय के निर्देशों के दायरे में रहते हुए समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है। राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि यदि जल्द फैसला आता है तो इसका सीधा असर सरकारी भर्तियों, शिक्षा और आगामी चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा।