Edited By Vandana Khosla, Updated: 16 Apr, 2026 01:06 PM

छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक छात्रा 10वीं में फेल होने का सदमा बर्दाशत नहीं कर पाई। उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की है। आनन-फानन में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जहां...
छतरपुर (राजेश चौरसिया): एमपी के छतरपुर जिले में से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक छात्रा 10वीं में फेल होने का सदमा बर्दाशत नहीं कर पाई। उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की कोशिश की है। आनन-फानन में गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसका इलाज जारी है। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
इंग्लिश और मैथ में हुई थी फेल, तनाव में उठाया गलत कदम
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना भगवा थाना क्षेत्र के सलैया गांव की है। जहां कक्षा 10वीं की एक छात्रा ने परीक्षा में फेल होने के बाद जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन घबराकर उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी सेंधवा स्कूल में कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। बुधवार को घोषित हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम में वह दो विषयों- इंग्लिश और गणित में फेल हो गई थी। इन विषयों में सप्लीमेंट्री आने के कारण वह मानसिक रूप से काफी तनाव में थी।
10वीं बोर्ड में फेल होने से टूट गई थी छात्रा
परिजनों का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में सामान्य थी, लेकिन फेल होने की खबर से वह काफी टूट गई थी। परिवार के लोग उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसने यह कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
यह घटना एक बार फिर छात्रों पर परीक्षा के दबाव और मानसिक तनाव को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें सहारा देने की जरूरत होती है, ताकि वे किसी भी नकारात्मक कदम से बच सकें।