कांग्रेस के लिए 2028 'करो या मरो'! दिग्गज नेता बोले- BJP से नहीं, अपनों से हारती है पार्टी

Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Jun, 2026 02:43 PM

veteran leader warns congress ahead of 2028 polls

मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने हरदा में कार्यकर्ताओं के बीच संगठन को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया।

हरदा। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने हरदा में कार्यकर्ताओं के बीच संगठन को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 2028 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए आखिरी मौका साबित हो सकता है, इसलिए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर संगठन के लिए त्याग और समर्पण दिखाना होगा।कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजय सिंह ने कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी भी खुलकर गिनाई। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही पार्टी में हर कोई दावेदार बन जाता है या फिर किसी गुट का समर्थक बनकर खड़ा हो जाता है। यही वजह है कि कांग्रेस कई बार भाजपा से नहीं, बल्कि अपनी ही अंदरूनी खींचतान से चुनाव हार जाती है।

उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि यदि कांग्रेस 2028 में सत्ता में वापसी नहीं कर पाई, तो पार्टी के भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए अभी से संगठन को मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी को लेकर भी अजय सिंह ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को अपने पद की गरिमा के अनुरूप भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए और राजनीतिक विरोध के बावजूद मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

इस दौरान अजय सिंह ने केंद्र सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि कांग्रेस की राजनीति हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति के हितों को केंद्र में रखकर चलती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी के संघर्ष और जनसरोकारों से प्रेरणा लेने की अपील की।

कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं के बीच हल्की-फुल्की राजनीतिक नोकझोंक भी देखने को मिली। भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि भाजपा में रहते हुए वे कांग्रेस की एकजुटता तोड़कर चुनावी लाभ दिलाते थे। इस पर कांग्रेस नेता हेमंत टाले ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि अब वही रणनीति भाजपा के खिलाफ अपनाने का समय आ गया है।

कुल मिलाकर हरदा का यह संवाद कार्यक्रम कांग्रेस के भीतर एकजुटता, संगठनात्मक मजबूती और 2028 की चुनावी तैयारी को लेकर गंभीर संदेश देने वाला साबित हुआ, जहां अजय सिंह ने साफ कर दिया कि सत्ता में वापसी का रास्ता पहले पार्टी के अंदर से होकर गुजरता है।

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