Edited By meena, Updated: 26 Apr, 2026 02:19 PM

मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियां की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जयभान सिंह पवैया और रामनिवास रावत की हालिया नियुक्ति के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि अगला मौका किस नेता को मिलेगा...
भोपाल : मध्यप्रदेश में निगम-मंडलों में नियुक्तियां की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जयभान सिंह पवैया और रामनिवास रावत की हालिया नियुक्ति के बाद अब यह चर्चा जोरों पर है कि अगला मौका किस नेता को मिलेगा। इस घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर नए समीकरणों को जन्म दे दिया है।
कार्यकर्ताओं में बढ़ी उम्मीद
पवैया को वित्त आयोग और रामनिवास रावत राज्य वन विकास निगम का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद लंबे समय से इंतजार कर रहे पुराने कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद जगी है। संगठन में सक्रिय कई नेता अब निगम-मंडलों में अवसर मिलने की आस लगाए हुए हैं, जिससे अंदरूनी सक्रियता भी बढ़ गई है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
सूत्रों के मुताबिक, सिंधिया खेमे से इमरती देवी और अजय विश्नोई को निगम-मंडलों में जिम्मेदारी मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इनके नामों को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।
केंद्रीय संगठन में बदलाव की अटकलें
इसके साथ ही गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह, जीतू जिराती जैसे नेताओं को केंद्रीय संगठन में शामिल किए जाने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह दोनों बड़े कद्दावर नेता है। सागर से बड़ा चेहरा है। यदि ऐसा होता है, तो प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं जीतू जिराती जैसे नेताओं को संवैधानिक पदों में जगह दी जा सकती है या राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भेजा जा सकता है।
जल्द हो सकती है घोषणा
दरअसल भाजपा में नियुक्तियों का दौर जारी है। ऐसे में सब कद्दावर नेता अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। चर्चा यह भी है कि यदि मंत्रिमंडल विस्तार होता है तो इसमें कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को अलग-अलग क्षेत्रों और जिम्मेदारियों में जगह दी जा सकती है। संगठन और सरकार दोनों स्तर पर संतुलन साधने की कोशिश की जा रही है।