Edited By Desh Raj, Updated: 10 Jul, 2026 07:52 PM

दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि नरोत्म फिर से दतिया से राजनीतिक वापसी कर रहे हैं लेकिन बीजेपी ने सारे समीकरणों से पार...
(दतिया): दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया है। पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि नरोत्म फिर से दतिया से राजनीतिक वापसी कर रहे हैं लेकिन बीजेपी ने सारे समीकरणों से पार जाते हुए पूर्व गृहमंत्री का ही टिकट काट दिया।
नरोत्तम की जगह मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को अपना बीजेपी ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी के इस फैसले के साथ ही दतिया की सियासत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वहीं नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के पीछे अब पार्टे का एक आंतरिक सर्वे की बात सामने आ रही जिसमें ये खुलासा हुआ है कि नरोत्तम जीत से दूर नजर आ रहे थे। इस आधार पर पार्टी ने उनका टिकट काटा और आशुतोष को टिकट दे दिया
RSS से जुड़े शख्स ने बताई नरोत्तम के टिकट कटने की वजह
आख़िर नरोत्म मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया है, इसके बारे में अभी कयास ही लगाए जा रहे थे, लेकिन RSS से जुड़े शख्स ने पंजाब केसरी को नाम न छापने की शर्त पर टिकट कटने की वजह बताई है। उसके मुताबिक जो RSS BJP ने नरोत्तम को लेकर आंतरिक सर्वे कराया था उसमें वो फिट नहीं बैठ रहे थे। सर्वे में नरोत्तम कम से कम 20 हजार वोटों से हार रहे थे। इस सर्वे की रिपोर्ट 4 से 5 दिन पहले ही आई थी। सर्वें में लोगों ने कहा था कि वो बीजेपी से नाराज नहीं हैं लेकिन नरोत्तम से नाराजगी है। इसलिए पार्टी को पता लग गया कि 20,000 के मार्जिन को पूरा करना आसान काम नहीं है। क्योंकि पिछले सर्वे में नरोत्तम मिश्रा को 9 हजार वोटों से हारने की बात कही थी और वो 7 हजार वोटों से हारे थे। लिहाजा इसी आधार पर नरोत्तम का टिकट पार्टी ने काटा और आशुतोष पर भरोसा करना सही समझा है।
अब आगे नरोत्तम मिश्रा के लिए क्या ?
बेशक नरोत्तम मिश्रा का टिकट दतिया से कट चुका है लेकिन ऐसा नहीं है की पार्टी नरोत्तम को साइड लाइन या किनारे करने के मूड में है। नरोत्तम मिश्रा के लिए पार्टी कहीं और रास्ता खोल सकती है । नरोत्तम जैसे नेता के अनुभव का लाभ पार्टी कहीं और उठाने की कोशिश करेगी।