Edited By Vikas Tiwari, Updated: 29 Oct, 2025 03:28 PM

भक्ति और संकल्प की ऐसी मिसाल शायद ही पहले कभी देखी गई हो। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र के ग्राम सिन्दूर में महज 6 साल की बच्ची अनन्या नेताम (पंछी) ने पूरे विधि-विधान से छठ व्रत रखा और परिवार के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत...
बलरामपुर: भक्ति और संकल्प की ऐसी मिसाल शायद ही पहले कभी देखी गई हो। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र के ग्राम सिन्दूर में महज 6 साल की बच्ची अनन्या नेताम (पंछी) ने पूरे विधि-विधान से छठ व्रत रखा और परिवार के साथ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया। अनन्या के परिवार में छठ की तैयारियां चल रही थीं, तभी उसने भी व्रत रखने की जिद कर दी। पहले तो घरवालों ने इसे मज़ाक समझा, लेकिन जब बच्ची ने दृढ़ निश्चय दिखाया तो सबने उसका उत्साह बढ़ाया।

नहाय-खाय से उगते सूर्य तक निभाया कठिन व्रत
अनन्या ने ‘नहाय खाय’ से लेकर 36 घंटे के निर्जला उपवास तक हर परंपरा का पालन किया। खरना के दिन प्रसाद ग्रहण करने के बाद उसने उपवास शुरू किया, डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और अगली सुबह उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत पूरा किया। उसकी भक्ति देखकर घाट पर मौजूद लोग भावुक हो उठे। जब इस नन्ही बच्ची ने अपने छोटे हाथों से सूर्य देव को प्रणाम किया, तो कई की आंखें नम हो गईं।
यूकेजी की छात्रा, परिवार को गर्व
अनन्या रामानुजगंज के कन्हर वैली पब्लिक स्कूल में यूकेजी में पढ़ती है। उसके पिता अजय नेताम किसान हैं और मां राजकुमारी नेताम गृहिणी। परिवार ने बताया कि अनन्या बचपन से ही पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं में रुचि रखती है।
पूरी रात नदी तट पर जागकर निभाई परंपरा
छठ पूजा की रात अनन्या ने अपनी दादी और मां के साथ सेंदुर नदी के तट पर जागकर परंपराओं का पालन किया। बुजुर्गों ने कहा कि इतनी कम उम्र में इतनी आस्था, अनुशासन और भक्ति दुर्लभ है। गांव में अब हर कोई अनन्या की आस्था को सलाम कर रहा है। लोग कहते हैं ‘इस नन्ही पंछी ने दिखा दिया कि भक्ति के लिए उम्र नहीं, मन की सच्चाई मायने रखती है।’