Edited By meena, Updated: 09 Mar, 2026 02:51 PM

8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शुरू हुए प्रसिद्ध करीला धाम मेले में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। यहां एक महिला कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों के...
अशोकनगर : 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में शुरू हुए प्रसिद्ध करीला धाम मेले में एक मार्मिक दृश्य देखने को मिला। यहां एक महिला कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों के साथ-साथ मां होने का फर्ज भी निभाती नजर आईं। शालिनी भार्गव नाम की महिला कर्मी अपनी नौ महीने की बेटी को गोद में लेकर मेले में ड्यूटी कर रही हैं। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी लोगों को भावुक कर रहा है।
रंगपंचमी पर शुरू हुआ करीला धाम मेला
दरअसल, रंगपंचमी के दिन अशोकनगर जिले में प्रसिद्ध करीला धाम मेले की शुरुआत हुई है। हर साल लगने वाला यह मेला लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मेले की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने करीब 2500 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसी व्यवस्था में जिले में पदस्थ शालिनी भार्गव की भी ड्यूटी लगाई गई है, जो नौ महीने पहले ही मां बनी हैं और अपनी छोटी बेटी को साथ लेकर ड्यूटी कर रही हैं।
मां के बिना नहीं रह पाती बेटी, इसलिए साथ लाती हैं ड्यूटी पर
शालिनी भार्गव ने बताया कि उनकी बेटी अभी बहुत छोटी है और मां के बिना रह नहीं पाती। लगातार मेले में ड्यूटी होने के कारण उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए हर दिन मेले में उपस्थित रहना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने अपनी बेटी को भी साथ लाने का फैसला किया। वह सरकारी कामकाज संभालने के साथ-साथ बेटी की देखभाल भी करती हैं, जो मां के स्नेह और कर्तव्य का अनोखा उदाहरण पेश करता है।
मेले में पहली बार बड़ी संख्या में महिलाओं की ड्यूटी
करीला मेले में इस बार पहली बार बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। मंदिर परिसर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं में महिला कर्मी अहम भूमिका निभा रही हैं। यहां तक कि मंदिर के गर्भगृह के बाहर प्रसाद चढ़ाने की व्यवस्था में भी पहली बार महिला कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मां की ममता और कर्तव्य का यह भावुक दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों को यह संदेश दे रहा है कि मां हर परिस्थिति में अपने बच्चे और अपने कर्तव्य दोनों का साथ निभाती है।