Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Apr, 2026 03:15 PM

राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के रूप में प्रियंक मिश्रा ने पदभार संभाल लिया है।
भोपाल (इजहार खान): राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के रूप में प्रियंक मिश्रा ने पदभार संभाल लिया है। पद संभालते ही उन्होंने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण विषय पर साफ और सख्त संदेश दिया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि जनगणना कोई रेस नहीं है, बल्कि यह देश के भविष्य की नींव तैयार करने की प्रक्रिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे रहना या पीछे रहना उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना कि सही और सटीक जानकारी देना। भारत में जनगणना हर 10 साल में होती है और यह देश का सबसे बड़ा डेटा कलेक्शन अभियान माना जाता है। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जबकि अगली जनगणना को डिजिटल स्वरूप में करने की तैयारी चल रही है, जिससे डेटा की सटीकता और उपयोगिता और बढ़ेगी।
कलेक्टर ने कहा कि इस बार डिजिटल डेटा तैयार किया जा रहा है, और सभी जानते हैं कि आंकड़ों के आधार पर ही सरकार की नीतियां तय होती हैं। गलत जानकारी देना न सिर्फ सिस्टम को प्रभावित करता है, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर भी असर डालता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग खुद को ज्यादा गरीब या ज्यादा अमीर दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनगणना का डेटा किसी व्यक्तिगत लाभ या योजना से सीधे जुड़ा नहीं होता। यह एक नामरहित (anonymous) डेटा होता है, जिसका उपयोग केवल नीति निर्माण में किया जाता है।
अपने विजन को साझा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” का लक्ष्य सिर्फ केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि हर शहर और हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि भोपाल को देश की सबसे बेहतरीन राजधानी बनाने के लिए प्रशासन पूरी ताकत से काम करेगा।
तो साफ है कि राजधानी भोपाल में नए कलेक्टर के साथ प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने वाली है। अब देखना होगा कि जनगणना जैसे बड़े अभियान में जनता कितना सहयोग करती है और भोपाल विकास की इस रफ्तार में कितना आगे बढ़ता है।