Edited By meena, Updated: 27 May, 2026 02:31 PM

मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक नेता के बयान आजकल सुर्खियों में हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि उसने भारत छोड़ने का मन बना लिया है। यही वजह है कि कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई...
नीमच : मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक नेता के बयान आजकल सुर्खियों में हैं। कांग्रेस नेता का आरोप है कि सरकार में भ्रष्टाचार इतना बढ़ गया है कि उसने भारत छोड़ने का मन बना लिया है। यही वजह है कि कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान नीमच जिले के एक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता पंकज तिवारी ने भ्रष्टाचार के विरोध में अनोखा प्रदर्शन करते हुए सांकेतिक रूप से अपना ‘नागरिकता हस्तांतरण एवं त्यागपत्र’ आवेदन कलेक्टर के नाम
कांग्रेस नेता का आरोप है कि जावद जनपद पंचायत अध्यक्ष गोपाल चारण को रिश्वत लेते लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी शासन-प्रशासन उसको बचाना चाहता है और वे अबतक सत्ता पर बने हुए हैं। इतना ही नहीं भ्रष्टाचार में लिप्त होने के बाद भी वह अकसर सरकार के प्रमुख आयोजनों में मंचों पर दिखाई देते हैं। शासन-प्रशासन की इस प्रकार की भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली गतिविधियों से दुखी होकर उन्होंने मंगलवार को अपनी ‘नागरिकता त्यागने का कठोर निर्णय लिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
ये है पूरा मामला
पूरा मामला रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। पंकज तिवारी के मुताबिक, थड़ोद पंचायत में सरपंच एवं सचिव पर सरकारी राशि के गबन और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि पंचायत अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित जनप्रतिनिधियों को तत्काल पद से हटाकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए थी। शासन प्रशासन के इस नरम रवैया से परेशान तिवारी ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि यदि भ्रष्टाचार के मामलों में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो आम जनता का लोकतंत्र, संविधान और प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर पड़ता है। इसी के विरोध में उन्होंने सांकेतिक रूप से ‘नागरिकता त्याग’ का आवेदन देकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
पंकज तिवारी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि भ्रष्टाचार के आरोपों के बावजूद भ्रष्ट नेता पदों पर बने रहेंगे तो जनता में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जनपद अध्यक्ष गोपाल चारण तथा थड़ोद पंचायत के सरपंच और सचिव को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच कराई जाए। ताकि बाकी लोगों को भी सख्त संदेश जाए। जनसुनवाई में दिए गए इस अनोखे आवेदन को लेकर दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा।