शाह की सूची में कांग्रेस विधायक का नाम शामिल! आरिफ मसूद ने वंदे मातरम गाने से किया इनकार, भाजपा ने घेरा

Edited By meena, Updated: 10 Dec, 2025 07:13 PM

arif masood refused to sing vande mataram

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जमकर राजनीतिक बहस छिड़ गई। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन लोगों की एक सूची पेश की, जिन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था...

भोपाल (इजहार खान) : संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जमकर राजनीतिक बहस छिड़ गई। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उन लोगों की एक सूची पेश की, जिन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था। इस सूची में मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का नाम भी शामिल है। मामले में कांग्रेस विधायक ने जवाब दिया है और उनके जवाब पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

आरिफ मसूद का पलटवार: “देश के असली मुद्दे छोड़ संसद में एक गाने पर चर्चा अफसोसजनक”

दरअसल, गृहमंत्री द्वारा बताई गई सूची में यह मामला साल 2019 का है, जब आरिफ मसूद ने वंदे मातरम गाने से इनकार करते हुए कहा था कि “मैं वंदे मातरम नहीं गा पाऊंगा।” वहीं वंदे भारत पर चर्चा को लेकर विधायक आरिफ मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा “देश में इंडिगो की फ्लाइट बंद है, यात्री परेशान हैं, किसान को खाद नहीं मिल रहा, युवा रोजगार को लेकर दुखी है… और संसद में एक गाने पर चर्चा हो रही है। यह चिंता और अफसोस की बात है।”

जब उनसे पूछा गया कि आपका नाम वंदे मातरम गाने से इनकार करने वालों में क्यों है, तब मसूद ने कहा “मैंने विरोध नहीं किया था। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि मैं इसे नहीं गा पाऊंगा। और आज वंदे मातरम् की बात वही लोग कर रहे हैं जो आज़ादी की लड़ाई में कहीं नहीं थे। न उनके मुंह पर वंदे मातरम् था। हम झंडा लेकर गोलियां खा रहे थे। उन्हें बात करने का अधिकार नहीं है।”

बीजेपी का पलटवार: “भारत की आत्मा से समस्या रखने वाले नेता देश का प्रतिनिधित्व कैसे करेंगे?”

इस पूरे विवाद पर बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस विधायक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा“आरिफ मसूद जैसे नेताओं को भारत की आत्मा से ही समस्या है। जो लोग खुद को भारत के सम्मान से अलग कर लेते हैं, वे मध्यप्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व कैसे कर सकते हैं?” उन्होंने आगे कहा “यह कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का विषय है। वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति के लिए ऐसा करने वाले नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। ‘वंदे मातरम्’ हमारी मातृभूमि का गुणगान है। इससे ऐतराज कैसा? यह भारत-विरोधी और संविधान-विरोधी सोच है। इस देश के हर नागरिक का अपमान है।” 

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