मध्य प्रदेश को चमकाने के लिए केंद्र ने लिया बड़ा फैसला, MP के साथ 6 राज्यों के 83 लाख लोगों को होगा फायदा

Edited By Desh Raj, Updated: 05 May, 2026 10:59 PM

centre takes major decision to give madhya pradesh a facelift

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक कार्य समिति द्वारा नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन परियोजना को स्वीकृति देने के निर्णय के लिए आभार माना है।

(भोपाल): मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक कार्य समिति द्वारा नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन परियोजना को स्वीकृति देने के निर्णय के लिए आभार माना है। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना से बाबा महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन एवं कूनो राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क और अधिक सुगम होगा। यही नहीं , लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन कार्यों से स्थानीय  अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

जानिए, क्या है केंद्र सरकार द्वारा लिया गया निर्णय?

केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने 5 मई 2026 को 'पीएम गति शक्ति' के तहत रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी का निर्णय लिया है। लगभग 23 हजार 437 करोड़ रुपए की तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के पूरा होने से मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में कनेक्टिविटी बढ़गी। इससे व्यस्त रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और भीड़ कम होने के साथ हर साल 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी।

छह राज्यों के लगभग 83 लाख लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ होगा। स्वीकृत परियोजना से ट्रेनों की प्रस्तावित क्षमता वृद्धि से मध्यप्रदेश के महाकालेश्वर,उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान के साथ ही राजस्थान के रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान,केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा, वृंदावन, मंत्रालयम (श्री राघवेंद्र स्वामी मठ), श्री नेटिकंती अंजनेय स्वामी वारी मंदिर (कासापुरम), श्यामनाथ मंदिर, नैमिषारण्य (नीमसर) सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क में सुधार होगा। प्रस्तावित परियोजनाएं कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, तेल, लोहा और इस्पात, लौह अयस्क, कंटेनर, उर्वरक जैसी वस्तुओं के परिवहन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण हैं।

 

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