Edited By meena, Updated: 16 Feb, 2026 06:08 PM

अपने अलग बयानों और सोच के लिए सुर्खियों में रहने वाले रिटायर्ड आईएएस और नॉवेलिस्ट नियाज खान एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वे किसी बयान या कोई नई पहल को लेकर नहीं...
भोपाल : अपने अलग बयानों और सोच के लिए सुर्खियों में रहने वाले रिटायर्ड आईएएस और नॉवेलिस्ट नियाज खान एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वे किसी बयान या कोई नई पहल को लेकर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर उनको मिल रही गालियों के कारण वे सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर ब्राह्मणों के नाम पर बनाई गई फर्जी आईडी के जरिये उन्हें गाली दी जा रही है। खान ने इसे एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि ऐसे लोगों को ब्लॉक कर रहे हैं। क्योंकि ब्राह्मण अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि वे पावर में होते तो ब्राह्मणों को सर्वोच्च नागरिक घोषित कर देते।
दरअसल, 14 फरवरी को नियाज खान ने एक सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट की जिसमें लिखा- मुझे गाली देने के लिए अन्य वर्णों के लोगों ने ब्राह्मण के नाम से फर्जी ID बना ली है। हर ब्राह्मण मेरा भाई है तो वह अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। ऐसे लोगों को मैं ब्लॉक करके तमाचा मारता हूं। हजार दोस्त से अच्छा एक ब्राह्मण काफी है। भगवान ब्रह्मा का प्रिय पुत्र है ब्राह्मण।
ब्राह्मणों को सर्वोच्च पद पर बैठाता
एक अन्य ट्वीट में नियाज खान ने लिखा- अगर मैं पॉवर में होता तो सभी ब्राह्मणों को सर्वोच्च स्थान पर बैठाकर विशिष्ट नागरिक घोषित कर देता। आज ब्राह्मणों की योग्यता का लाभ नहीं लिया जा रहा। उन्हें सनातन के नाम पर भीड़ का हिस्सा बनाया जा रहा। सत्य यह है कि ब्राह्मण के टैलेंट को बहुत दिनों तक नकारा नहीं जा सकता।
अर्ध नग्न वस्त्र ब्राह्मणों के लिए नहीं
अपनी पुस्तक ब्राह्मण द ग्रेट का कवर अपलोड करते हुए नियाज खान ने लिखा-मैंने इस नोवल में स्पष्ट लिखा है कि भौतिकवाद का मोह ब्राह्मणों के लिए घातक है। शिखा, जनेऊ, धोती और तिलक ब्राह्मण की शान है। बिना शर्म के इन्हें धारण करें। यह ब्राह्मणों की शक्ति है। अर्ध नग्न वस्त्र ब्राह्मणों के लिए कदापि नहीं है। शिखा तो आपकी पहचान ही है।
मुस्लिमों ने जताई आपत्ति
इसी कड़ी में उनका एक और ट्वीट सामने आया है, जिसे पढ़कर साफ लग रहा है कि नियाज खान से मुस्लिम समुदाय खासा निराश है। उन्होंने पोस्ट में लिखा- मुस्लिम भाइयों को मुझसे आपत्ति है कि मैं मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार पर कुछ नहीं बोलता केवल ब्राह्मणों और हिंदू संस्कृति पर बोलता हूं। मैं आने वाली बुक में मुस्लिमों पर हो रहे ज़ुल्म पर लिखा है पर समस्या के समाधान के लिए ओवैसी जी के पास जाना होगा। मोबलीचिंग, बुलडोजर एक्शन आदि पर।
छिड़ी बहस
नियाज खान ने ब्राह्मण समाज को लेकर सोशल मीडिया/सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस शुरू हो गई। उनके बयान को कुछ लोगों ने “सामाजिक विमर्श” बताया, जबकि अन्य ने इसे “विवादित” और “अनावश्यक” करार दिया।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
बयान सामने आने के बाद:
- कई लोगों ने उनके समर्थन में तर्क दिए कि वे सामाजिक ढांचे पर विचार रख रहे थे।
- वहीं, कुछ संगठनों और यूज़र्स ने इसे एक समुदाय विशेष पर टिप्पणी बताते हुए आपत्ति जताई।
- ट्विटर (X) और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर #NiyazKhan ट्रेंड करने लगा।