Edited By Vikas Tiwari, Updated: 17 Feb, 2026 01:29 PM

महाशिवरात्रि के अवसर पर दुर्ग जिले के देव बलौदा चरोदा में आयोजित मेले में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम व्यापारियों की पहचान पूछकर उनकी दुकानें बंद करवा दीं। पूरे घटनाक्रम के दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की के...
दुर्ग: महाशिवरात्रि के अवसर पर दुर्ग जिले के देव बलौदा चरोदा में आयोजित मेले में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम व्यापारियों की पहचान पूछकर उनकी दुकानें बंद करवा दीं। पूरे घटनाक्रम के दौरान गाली-गलौज और धक्का-मुक्की के वीडियो भी सामने आए हैं।
बताया जा रहा है कि 13वीं शताब्दी के प्राचीन शिव मंदिर में 15 और 16 फरवरी को मेला आयोजित किया गया था। मेले में बड़ी संख्या में विभिन्न समुदायों के व्यापारी दुकानें लगाने पहुंचे थे, जिनमें मुस्लिम व्यापारी भी शामिल थे।
गुपचुप ठेले से शुरू हुआ विवाद, ‘थूक और मूत्र जिहाद’ के आरोप
विवाद की शुरुआत एक गुपचुप (फुचका) ठेले से हुई। ठेले पर “अजीत चाट भंडार” और “जय माता दी” लिखा था। आरोप है कि जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ऑनलाइन पेमेंट के लिए क्यूआर कोड स्कैन किया, तो नाम ‘भाईजान चाट वाला’ दिखाई दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पहचान छिपाकर व्यापार करने का आरोप लगाया और अन्य मुस्लिम दुकानदारों की भी जांच शुरू कर दी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कुछ व्यापारियों पर “थूक और मूत्र जिहाद” जैसे आरोप लगाए और उन्हें मेले से हटाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर कहा कि यह हिंदुओं के साथ धोखा है। कई दुकानदारों से दुकान बंद कर तुरंत मेले से जाने को कहा गया। भगवान की तस्वीर बेच रही एक मुस्लिम महिला दुकानदार से भी कथित तौर पर बहस हुई। महिला ने कहा कि वह वर्षों से यहां व्यापार कर रही है और उसका किसी विवाद से संबंध नहीं है। इस दौरान उससे जय श्री राम के नारे लगाने को भी कहा गया।
‘जाओ मस्जिद के बाहर दुकान लगाओ’
एक कपड़ा व्यापारी को दुकान बंद करने के लिए कहा गया और कथित तौर पर यह भी कहा गया कि वह मस्जिद के बाहर जाकर दुकान लगाए। कुछ महिलाओं द्वारा खरीदा गया सामान भी वापस करवाया गया और मुस्लिम व्यापारियों से खरीदारी न करने की अपील की गई।
‘हम 20-25 साल से लगा रहे दुकान’
विवाद के बीच एक मुस्लिम व्यापारी ने कहा कि वे पिछले 20-25 वर्षों से इस मेले में दुकान लगा रहे हैं। उनका कहना है कि वे केवल व्यापार करने आते हैं और धर्म से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस रही मौजूद
घटना के दौरान सीएसपी छावनी, भिलाई-3 थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद था, लेकिन वीडियो में पुलिस को केवल स्थिति देखते हुए दिखाया गया है। बजरंग दल के पदाधिकारी कथित तौर पर निगम और पुलिस को कार्रवाई के निर्देश देते नजर आए। बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि पहचान छिपाकर व्यापार करना गलत है और धार्मिक आयोजन में पारदर्शिता होनी चाहिए। वहीं, मुस्लिम व्यापारियों का आरोप है कि उन्हें धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।