इंदौर चूहा कांड पर हाईकोर्ट का एक्शन, सरकार को नोटिस, 5 दिन में मांगा जवाब, लगाई फटकार!

Edited By Vikas Tiwari, Updated: 11 Sep, 2025 01:45 PM

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इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के 15 दिन बाद भी कठोर कार्रवाई न होने पर कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया और 15 सितंबर तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी...

भोपाल: इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के काटने से दो नवजातों की मौत के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना के 15 दिन बाद भी कठोर कार्रवाई न होने पर कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया और 15 सितंबर तक पूरे मामले की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

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मामले पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
नोटिस के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने खुद को बीमार बताते हुए 11 से 25 सितंबर तक छुट्‌टी ले ली। जिसके बाद कोर्ट ने खुद इस मामले में संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति जेके पिल्लई की युगल पीठ ने इस मामले को नवजातों के मौलिक अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि अस्पताल की सफाई और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी संभाल रही निजी कंपनी एजाइल सिक्योरिटी के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जबकि लापरवाही उसी की वजह से हुई है।

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सख्त कार्रवाई शुरू...
प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा) ने एजाइल कंपनी को हटाने के निर्देश दिए हैं। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. बृजेश लाहोटी को पद से हटाया गया है। प्रभारी एचओडी डॉ. मनोज जोशी को सस्पेंड कर दिया गया। कोर्ट ने राज्य सरकार से तीन बिंदुओं पर स्पष्ट जवाब मांगा है। अब तक मामले में क्या कार्रवाई की गई है? 

पहले जांच को दबाने की कोशिश हुई?
जांच में खुलासा हुआ कि वरिष्ठ अधिकारियों ने शुरुआत में घटना को दबाने का प्रयास किया। उनका दावा था कि नवजातों की मौत गंभीर बीमारी के कारण हुई है, न कि चूहों के काटने से। यहां तक कि धार निवासी दंपती के नवजात की मौत पर भी गलत जानकारी दी गई। तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह और मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर तरुण राठी को भी गुमराह किया गया कि पोस्टमॉर्टम हो चुका है और रिपोर्ट में चूहे के काटने का कोई जिक्र नहीं है। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों ने मीडिया को गलत जानकारी दी।

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जांच समिति की रिपोर्ट
3 सितंबर को गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपी। इसके आधार पर प्रमुख सचिव संदीप यादव ने एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेज (HITES) को एजाइल सिक्योरिटी का अनुबंध रद्द करने के निर्देश दिए। एजाइल को अस्पताल की सफाई, सुरक्षा और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी दी गई थी।

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