Edited By Vikas Tiwari, Updated: 30 Nov, 2025 08:25 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक समरसता और सादगी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु का पाणिग्रहण संस्कार उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न कराया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने 21 जोड़ों के विवाह संस्कार...
उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सामाजिक समरसता और सादगी का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपने छोटे पुत्र डॉ. अभिमन्यु का पाणिग्रहण संस्कार उज्जैन में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न कराया। योग गुरु स्वामी रामदेव ने 21 जोड़ों के विवाह संस्कार मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराए।

बाबा रामदेव ने की CM की तारीफ
स्वामी रामदेव ने कहा कि डॉ. यादव पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने इतना अनोखा और प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल से समाज में फिजूलखर्ची रुकेगी और मध्यवर्ग तथा निम्न-मध्यवर्गीय परिवारों को प्रेरणा मिलेगी। यह पहल "सबका साथ-सबका विकास" की भावना को मजबूत करती है। रविवार को आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में मुख्यमंत्री के पुत्र का विवाह जन-सामान्य के पुत्र–पुत्रियों के साथ एक ही पंडाल में संपन्न हुआ, जिसने सामाजिक समानता और आत्मीयता का अद्भुत संदेश दिया। समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक समरसता का श्रेष्ठ उदाहरण प्रस्तुत किया है।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भी की मुख्यमंत्री की तारीफ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि विवाह समारोह सनातन परंपरा के अनुसार और समाज के सभी वर्गों के सहभागिता के साथ आयोजित किए गए हैं। अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग के नवदंपति भी शामिल हुए। समारोह में पं. धीरेंद्र शास्त्री ने सामूहिक एवं कम खर्च वाले विवाह आयोजनों को समाज के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक समरसता और श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश जीवंत हो रहा है।
कार्यक्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद, जूना अखाड़ा और मनसा देवी ट्रस्ट हरिद्वार की ओर से घोषणा की गई कि सभी नवदंपतियों को एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। सभी वर-वधुओं ने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया। समारोह की भोजन व्यवस्था भी सामूहिक विवाह सम्मेलन की भावना के अनुरूप सरल और सादगीपूर्ण रही। आयोजन को सफल बनाने में पुलिस प्रशासन, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।