Edited By Desh Raj, Updated: 29 Jul, 2026 04:03 PM

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए गुरु तत्व, सनातन संस्कृति और मधुर वाणी के महत्व पर विशेष संदेश दिया।
सीहोर (धर्मेंद्र राय ): गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए गुरु तत्व, सनातन संस्कृति और मधुर वाणी के महत्व पर विशेष संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का चयन अत्यंत सोच-समझकर करना चाहिए। इस अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने एक बड़ी बात कही है ।
कोई योग्य सद्गुरु न मिले तो भगवान शिव को ही अपना गुरु मानें- प्रदीप मिश्रा
गुरु पूर्णिंमा के अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा है कि यदि कोई योग्य सद्गुरु न मिले तो भगवान शिव को ही अपना गुरु मानकर प्रतिदिन एक लोटा जल अर्पित करें। महादेव स्वयं जीवन का मार्गदर्शन करेंगे। पंडित मिश्रा ने कहा कि मनुष्य के जीवन में चार प्रमुख मार्गदर्शक होते हैं— बचपन में मां, युवावस्था में पिता, अधेड़ावस्था में शिक्षक और बुढ़ापे में सद्गुरु। इन चारों का सम्मान और उनके बताए मार्ग पर चलना ही जीवन को सफल बनाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपनी वाणी में मधुरता लाने का आग्रह करते हुए कहा कि मनुष्य को हमेशा ऐसे शब्द बोलने चाहिए जो दूसरों के जीवन में सुख और शांति का कारण बनें। सनातन संस्कृति की रक्षा केवल पूजा-पाठ से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विनम्र व्यवहार और गुरु के बताए मार्ग पर चलने से होती है।
इस अवसर पर कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरु पूर्णिमा पर डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु कथा श्रवण और दर्शन के लिए पहुंचे, जबकि छह दिवसीय महोत्सव में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने का दावा किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हजारों सेवादार भोजन प्रसादी, दर्शन व्यवस्था और मार्गदर्शन में पूरे समर्पण के साथ सेवा दे रहे हैं।