Edited By Vikas Tiwari, Updated: 22 Nov, 2025 08:26 PM
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने बयान में कहा कि भारत हिंदू स्टेट नहीं है और न ही यह कभी होगा, लेकिन हिंदू समाज में एकता आवश्यक है, जो जाति-पाति से ऊपर उठकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि इतिहास में जातिगत विभाजन कई समस्याओं का कारण रहा है, इसलिए...
भोपाल (इजहार हसन खान): पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अपने बयान में कहा कि भारत हिंदू स्टेट नहीं है और न ही यह कभी होगा, लेकिन हिंदू समाज में एकता आवश्यक है, जो जाति-पाति से ऊपर उठकर ही संभव है। उन्होंने कहा कि इतिहास में जातिगत विभाजन कई समस्याओं का कारण रहा है, इसलिए आर्थिक समानता हिंदू एकता की सबसे मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि सत्ता, शासन और प्रशासन में समान भागीदारी सुनिश्चित होना बेहद जरूरी है। उमा भारती ने यह भी कहा कि भारत मूल रूप से हिंदू राष्ट्र है और इसे सबको स्वीकार करना चाहिए, क्योंकि इसी पहचान की वजह से यह देश सेक्युलर बना हुआ है। उन्होंने कहा- ‘जब इस्लाम, जैन, बौद्ध, ईसाई कोई नहीं था, तब इस भूमि पर सनातन था। हिंदू समाज ने सभी को स्थान दिया और किसी की आस्था को नकारा नहीं।’
उमा भारती ने कहा कि अन्य धर्मों को भी इस विविधता को समझना होगा, क्योंकि हिंदू धर्म का मूल अर्थ ही विविधता में एकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज में एकता का आधार धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक संतुलन है।