Edited By Vikas Tiwari, Updated: 03 Feb, 2026 07:28 PM

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराने का निर्णय लिया है। पंजीयन...
भोपाल: भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना से विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों का पंजीयन नि:शुल्क कराने का निर्णय लिया है। पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। इस फैसले से 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा और राज्य सरकार पर करीब 600 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
कैबिनेट ने मैहर और कटनी जिलों में दो सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना पर 53.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 3500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 9 गांवों के 2810 किसान लाभान्वित होंगे। वहीं कटनी जिले की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 566.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 27 गांवों के 11,500 किसानों को लाभ मिलेगा और 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
इसके अलावा मंत्रि-परिषद ने 6 विभागों की 10 योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी है। इनमें संबल 2.0 योजना, पशुपालन और गौ संवर्धन योजनाएं, विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, महिला एवं बाल विकास और अल्पसंख्यक स्वरोजगार योजनाएं शामिल हैं।