Edited By Himansh sharma, Updated: 23 Jan, 2026 11:41 AM

धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा मां वाग्देवी (सरस्वती) की अखंड पूजा का शुभारंभ किया
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार सुबह सूर्योदय के साथ ही हिंदू पक्ष द्वारा मां वाग्देवी (सरस्वती) की अखंड पूजा का शुभारंभ किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत यह पूजा सूर्योदय से सूर्यास्त तक चलेगी, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक सीमित संख्या में निर्धारित स्थान पर जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है।
बसंत पंचमी को लेकर भोजशाला परिसर और पूरे धार शहर को सुरक्षा के लिहाज से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। करीब 8000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें 13 एसपी रेंज अधिकारी, 25 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 67 एसडीओपी, 107 नगर निरीक्षक, 393 उपनिरीक्षक व सहायक निरीक्षक, 933 महिला पुलिसकर्मी, साथ ही 8 RAF प्लाटून और CRPF बल शामिल हैं।
गुरुवार रात से ही हिंदू संगठनों द्वारा पूजा की तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। मां वाग्देवी का चित्र भोजशाला के अंदर ले जाकर विधिवत स्थापित किया गया। पूरे दिन अखंड पूजन, महाआरती, धर्मसभा और शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग स्थान, प्रवेश और निकास मार्ग सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अखंड पूजा और जुमे की नमाज दोनों ही कार्यक्रम शांतिपूर्ण और निर्बाध रूप से संपन्न कराए जाएंगे।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह या कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।