Edited By meena, Updated: 21 Jan, 2026 12:55 PM

मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह है बसंत पंचमी का पर्व, जो इस वर्ष 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा...
धार : मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला परिसर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह है बसंत पंचमी का पर्व, जो इस वर्ष 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के पुराने आदेशों का सख्ती से पालन कराने की अपील की है।
ASI के आदेशों का दिया हवाला
दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में कहा कि ASI द्वारा 2003, 2013 और 2016 में जारी आदेशों में व्यवस्था स्पष्ट रूप से तय की गई है।
इन आदेशों के अनुसार—
- सुबह सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना की अनुमति होगी।
- दोपहर 1 से 3 बजे तक मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज अदा करने का समय दिया जाएगा।
- इसके बाद दोपहर 3:30 बजे से सूर्यास्त तक पुनः पूजा-अर्चना जारी रह सकेगी।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इन आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा, “मैं प्रशासन और सरकार से कहना चाहता हूं कि ASI के आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो। सभी हिंदू-मुस्लिम भाइयों से सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। मध्य प्रदेश अमन का प्रतीक है और इसे बनाए रखना सरकार की कानूनी जिम्मेदारी है।”
भोजशाला परिसर में कड़ी सुरक्षा
संभावित टकराव की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। भोजशाला के प्रवेश द्वार के पास स्थित दरगाह और नजदीकी कब्रिस्तान के बाहर बेरिकेडिंग कर क्षेत्र को सील कर दिया गया है। पूरे परिसर में जिग-जैग बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी की व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।