Jhiram Tribute Day 2022: झीरम घाटी में शहीद हुए कांग्रेस नेताओँ को भूपेश बघेल ने दी श्रद्धांजलि, रिपोर्ट को लेकर उठाए सवाल

Edited By Devendra Singh, Updated: 25 May, 2022 01:39 PM

bhupesh baghel give tribute martyr congress leader for jhiram ghati massacre

बस्तर में ''झीरम श्रद्धांजलि दिवस'' (Jhiram Tribute Day 2022) मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (cm bhupesh baghel) ने झीरम शहीद मेमोरियल पार्क का लोकार्पण किया उसके बाद शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही श्रद्धांजलि देने के बाद...

सुमित सेंगर (जगदलपुर): बस्तर में आज 'झीरम श्रद्धांजलि दिवस' (Jhiram Tribute Day) मनाया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (cm bhupesh baghel) ने झीरम शहीद मेमोरियल पार्क का लोकार्पण किया उसके बाद शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने शहीद परिवारों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मान किया। इसके अलावा झीरम मेमोरियल पार्क में पौधारोपण भी किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि परिवर्तन यात्रा 2013 में निकाली थी और इस परिवर्तन यात्रा में कांग्रेस के दिग्गज नेता (martyr congress leader) शहीद हो गए। आज के बड़े नेता हमारे साथ नहीं है। लेकिन उनके मार्गदर्शन पर लगातार कांग्रेस काम करेगी। इसके अलावा मेमोरियल के नजदीक मुख्यमंत्री ने 100 फीट ऊंची तिरंगा का ध्वजारोहण किया।

कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों का हमला 

मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम घाटी (jhiram ghati attack 2013) की घटना को 9 साल हो गए हैं। इस घटना में परिवर्तन यात्रा (parivartan yatra congress) का नेतृत्व कर रहे नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, विद्याचरण शुक्ल, उदयमुदलियार, अल्लाहनूर, गोलछा और तमाम कांग्रेस के कार्यकर्ता नेता शामिल थे और उनकी सुरक्षा में जवान भी लगे हुए थे। जिनकी शहादत 2013 को झीरम घाट में हुई। 9 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने भरसक कोशिश कि इस घटना के सही तथ्य सामने आए। लेकिन यह घटना एक आपराधिक षड्यंत्र था और इसमें षड्यंत्र को उजागर करने के लिए कांग्रेस ने अनेक कोशिश की, लेकिन लोग अड़ंगा लगाते रहे।

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बीजेपी ने परिवर्तन यात्रा का किया था रूट चेंज: सीएम भूपेश बघेल 

NIA की जांच भी संतोषजनक नहीं है। केंद्र में बीजेपी की सरकार है और राज्य सरकार जब इस मामले में जांच कर रही थी तो एनआईए हाईकोर्ट गई और याचिका लगाकर जांच को रोक दिया। इसके अलावा सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कि आखिर केंद्र सरकार (central government) जांच करने से क्यों रोक राज्य सरकार को रही है। 2013 में BJP की सरकार थी उनकी जिम्मेदारी थी सुरक्षा प्रदान करने की। लेकिन बीजेपी ने रुट चेंज कर दिया। जिसके कारण से यह नरसंहार हुआ है। जिसके जांच के लिए लगातार राज्यपाल व उच्च अधिकारियों से मांग भी की गई।

घात लगाकर नक्सलियों ने किया था हमला 

दरअसल बस्तर के दरभा झीरम घाटी में 9 साल पहले आज ही के दिन 25 मई 2013 को देश का सबसे बड़ा नरसंहार (massacre) हुआ था। झीरम नक्सली कांड में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी लीडरशिप खत्म हो गई थी। साल 2013 में कांग्रेस ने परिवर्तन यात्रा निकाली थी। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता परिवर्तन यात्रा का काफिला दरभा के झीरम घाटी के रास्ते से होते हुये सम्भगीय मुख्यालय जगदलपुर आ रहे थे। इसी बीच करीब साढ़े 3 बजे नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला बोल दिया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला झीरम घाटी में पहुंचा, लेकिन घात लगाए नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में कांग्रेस नेताओं और उनके सुरक्षा गार्ड को संभलने का मौका तक नहीं मिला था। 

महेंद्र कर्मा को नक्लियों ने ढूंढकर मारी थी गोली 

नक्सलियों ने कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा (congress leader mahendra karma) को ढूंढकर गोली मारी थी। उसके बाद नक्सलियों ने एक एककर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं को मौत के घाट उतार दिया। इस हमले में महेंद्र कर्मा के अलावा तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उदय मुदलियार समेत कांग्रेस के 29 नेताओं की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। इलाज के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल की मौत हो गई थी। कुल मिलाकर इस हमले में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी लीडरशिप तबाह हो गई थी।

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