Edited By Desh sharma, Updated: 11 Jan, 2026 05:43 PM

छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर दस्तक दे रही है। इस खबर से राजनीतिक गलियारों में हलचल है। खबर कांग्रेस से जुड़ी है। दरअसल कांग्रेस के पूर्व सीनियर प्रवक्ता विकास तिवारी को कांग्रेस ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
(रायपुर): छतीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर निकलकर दस्तक दे रही है। इस खबर से राजनीतिक गलियारों में हलचल है। खबर कांग्रेस से जुड़ी है। दरअसल कांग्रेस के पूर्व सीनियर प्रवक्ता विकास तिवारी को कांग्रेस ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। विकास तिवारी को झीरम घाटी घटना पर दिए बयान का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
कांग्रेस पार्टी ने लिया बड़ा फैसला
पहले विकास तिवारी को झीरम घाटी घटना पर बयान के बाद उन्हें प्रवक्ता पद से हटाया गया था, अब छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। झीरम घाटी घटना पर बयान देने के बाद से ही कांग्रेस के पूर्व सीनियर प्रवक्ता विकास की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही थीं। पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें पहले प्रवक्ता पद से हटाया तो अब एक बड़ा फैसला करते हुए पार्टी से ही बाहर कर दिया है। तिवारी को छह साल के लिए पार्टी से बाहर रहना होगा।
विकास तिवारी को झीरम घाटी घटना पर दिए बयान का भुगतना पड़ा खामियाजा
आपको बता दें कि विकास तिवारी ने झीरम घाटी की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ही पूर्व मंत्री कवासी लखमा के नार्को टेस्ट कराने की मांग कर डाली थी। विकास तिवारी के मुंह से इन शब्दों के निकलते ही प्रदेश कांग्रेस में हडकंप मच गया था। इस बयान पर विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था ।
नोटिस के जबाव से संतुष्ट नहीं हुए वरिष्ठ नेता
विकास तिवारी कारण बताओ नोटिस जारी हुआ तो उन्होंने इसका जवाब दिया, लेकिन सीनियर नेताओं को उनका जवाब रास नहीं आया और कांग्रेस से बड़ी कार्रावई करते हुए तिवारी को छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया।