Edited By Desh Raj, Updated: 26 Feb, 2026 06:12 PM

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पर एक सब-इंस्पेक्टर’ को 5 साल की जेल हुई है। विशेष न्यायाधीश ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल ब्युरो नारकोटिक्स ने तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर मधुसुदन पाठक को रिश्वत के मामले में दोषी पाते...
(मंदसौर): मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पर एक सब-इंस्पेक्टर’ को 5 साल की जेल हुई है। विशेष न्यायाधीश ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल ब्युरो नारकोटिक्स ने तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर मधुसुदन पाठक को रिश्वत के मामले में दोषी पाते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। साथ ही पाठक पर जुर्माना लगाया है।
CBN सब इंस्पेक्टर मधुसूदन पाठक को 5 साल की जेल
विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) मंदसौर ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) के सब इंस्पेक्टर मधुसूदन पाठक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(डी) के तहत 5 वर्ष की सजा एवं जुर्माना सुनाया है।
2016 का है अफीम केस मामला
जानकारी के मुताबिक 30 जुलाई 2016 को नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग ने राजस्थान के सुखलाल कुमावत के खिलाफ अफीम का एक मामला बनाया था। इस मामले में आरोपी सुखलाल द्वारा बताया गया था कि वो पप्पू पण्डित उर्फ कमलदास बैरागी से मादक पदार्थ को लेकर आया था। मामले की विवेचना नारकोटिक्स प्रकोष्ठ मंदसौर विंग ने की थी। मामले की जांच के दौरान सीबीएन (CBN) के सब इंस्पेक्टर मधुसूदन पाठक ने मुकेश पिता कमलदास बैरागी से संपर्क किया।
जानकारी के मुताबिक आरोपी उपनिरीक्षक मधुसूदन पाठक ने आवेदक मुकेश से कहा कि इस केस में उसके पिता कमलदास का भी नाम आ रहा है। इसलिए पिता को केस से बचाने के लिए 5 लाख रूपये देने होंगे। मामले में मुकेश 5 लाख की जगह 2 लाख 50 हजार रूपये देने के लिए राजी हो गया था। लेकिन फरियादी मुकेश बैरागी रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए रिश्वत मांगने पर उसने 8 जुलाई 2016 को लोकायुक्त उज्जैन में लिखित शिकायत दे दी थी।
आवेदक की शिकायत पर लोकायुक्त ने 11 जुलाई 2016 को 30 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए पाठक को रंगे हाथ पकड़ा था। इसी मामले में अब सब इंस्पेक्टर मधुसूधन पाठक को 5 साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई गई है।